श्रद्धा व भक्ति माहौल में मनाया गया अनंत चतुर्दशी व्रत
श्रद्धा व भक्ति माहौल में मनाया गया अनंत चतुर्दशी व्रतश्रद्धा व भक्ति माहौल में मनाया गया अनंत चतुर्दशी व्रतश्रद्धा व भक्ति माहौल में मनाया गया अनंत च

खगड़िया/गोगरी। हिन्दुस्तान टीम अनंत चतुदर्शी का व्रत शनिवार को जिले के विभिन्न क्षेत्र में लोगों ने काफी श्रद्धा व भक्तिमय माहौल में किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार व कथा सुनने के बाद अनंत भगवानके खोजने की परंपरा को भी अपनाया फिर पंडितों द्वारा पुरुषों के दाहिनें एवं महिलाओं के बाएं हाथ में चौदह गांठों वाला अनंत पहनाया गया। बताया जा रहा है कि पूजा अर्चना को लेकर सुबह से ही तैयारी की जा रही थी। इस दौरान विधि विधान के साथ पूजा अर्चना किया गया। इस दौरान जिले के चौथम प्रखंड के कैथी में पंडित अशोक प्रसाद ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कराया।
बताया जाता है कि अनंत भगवान की पूजा करके संकटों की रक्षा करने वाले अनंत सूत्र को बाजू मे बांधा। अनंत चतुर्दशी के पूजन में व्रतकर्ता प्रात:काल स्नान करके व्रत का संकल्प कर पंडितो के द्वारा वैदिक मंत्रोउच्चारण के साथ कलश स्थापित किया गया । इसके पश्चात् चौदह गांठ वाले सूत्र को भगवान को स्मरण कर रखे। भगवान विष्णु तथा अनंत सूत्र को पंचाअमृत में स्नान के साथ अंनतायनम: मंत्र का जाप कर एक पात्र में दूध,दहीं, घी और गंगाजल, पन्चाअमृत का तैयार किया किया । अनंत के चौदह गाठ में प्रत्येक गाठ एक एक लोक का प्रतीक हैं। ये 14 गांठें हरि द्वारा उत्पन्न 14 लोकों तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुव:, स्व:, जन, तप, सत्य, मह की रचना की प्रतीक हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को यदि 14 वर्षों तक किया जाए, तो व्रती को विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। एक जगह सभी भक्त जन एकत्रित होकर भक्ति भाव से भगवान अनंत की पूजा श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। पुराणों के अनुसार पाण्डव जूए में अपना राज पाट हारकर वन में कष्ट भोग रहें थे। धर्म राज युधिष्ठिर ने अपने भाइयों तथा द्रोपदी के साथ पूरे विधि विधान के साथ अनंत पूजा किया था। बॉक्स: परबत्ता: अनंत पूजा सम्पन्न, श्रद्धालु थे उत्साहित परबत्ता। एक प्रतिनिधि प्रखंड में शनिवार को भाद्र पक्ष मास के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी के मौके पर पूजा अर्चना किया। इस दौरान अनंत भगवान की पूजा करके भक्त जन संकटों की रक्षा करने वाले अनंत सूत्र को बाजू मे बांधा । इधर प्रखंड के बिशौनी सहित विभिन्न गांवो में अनंत चतुर्दशी के पूजन में व्रतकर्ता कौशल कुमार मिश्र उर्फ पप्पू मिश्र प्रात:काल स्नान कर पंडितो द्वारा व्रत का संकल्प लिया। उसके बाद वैदिक मंत्रोउच्चारण के साथ कलश स्थापित कर पूजन कार्य किए। इसके पश्चात् चौदह गांठ वाले सूत्र को भगवान को स्मरण कर रखा गया। नयागांव पंचखुट्टी में पंडित विजय कुमार मिश्र उर्फ लड्डू बाबा के द्वारा पूजन कार्य किया गया। जिसमे सामुहिक रूप से गांव के लोग सम्मलित होकर कथा का श्रवण किया। भारद्वाज भगवती मंदिर, कुँवर टोला कबेला में पंडित रामानंद पंडित ,आचार्य परशुराम कुंवर के द्वारा विधि विधान से अनंत चतुर्दशी पूजन संपन्न हुआ। जानकीचक गांव में कृष्णकांत झा के द्वारा सामुहिक रूप से पूजन पाठ किया गया। अनंत के चौदह गाठ में प्रत्येक गाठ एक एक लोक का प्रतीक है।
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