Hindi NewsBihar NewsKhagaria NewsApproval for 49 81 Crore Road Overbridge at Maheshkhunt to Alleviate Traffic Jam Issues
महेशखूंट में ओवरब्रिज का  निर्माण शुरू नहीं होने से घंटों लगता है जाम

महेशखूंट में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं होने से घंटों लगता है जाम

संक्षेप:

महेशखूंट में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं होने से घंटों लगता है जाम महेशखूंट में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं होने से घंटों लगता है जाम

Fri, 21 Nov 2025 11:32 PMNewswrap हिन्दुस्तान, खगडि़या
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महेशखूंट। एक प्रतिनिधि जिले के महेशखूंट में लोहिया चौक स्थित केबिन ढाला 25सी पर 49.81 करोड़ की लागत से रोड ओवरब्रिज निर्माण के लिए रेल मंत्रालय से मंजूरी मिली है लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब तक ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। जिसके कारण केबिन ढाला 25सी पर घंटों जाम लगा रहता है। बताया गया कि महेशखूंट में ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिलते ही खगड़िया के तात्कालीन डीएम अमित कुमार पांडेय महेशखूंट में ओवरब्रिज निर्माण के लिए जमीन चिन्हित किए थे, लेकिन उनका तबादला होने के बाद महेशखूंट में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पेडिंग में चला गया। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।

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स्थानीय समाजसेवी बासुदेव बिहारी, पंडित उदकांत ठाकुर आदि ने बताया कि महेशखूंट में ओवरब्रिज निर्माण होने से हमेशा महाजाम लगा रहता है। इस रेलवे स्टेशन से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पटना, टाटानगर, पंजाब, दिल्ली, झारखंड सहित कई प्रदेशों जाने की यात्रा करने के लिए सैकड़ों यात्रियों आते जाते हैं। इसके बावजूद भी केबिन ढाला 25सी पर ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होने से हमेशा जाम लगा रहता है। जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बिहार में में 64 ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें महेशखूंट में रेल ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति भी शामिल है। महेशखूंट रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के संयोजक पंडित उदयकांत ठाकुर ने बताया कि 49.81 करोड़ की लागत से महेशखूंट लोहिया चौक स्थित केबिन ढ़ाला 25सी पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण होना है। रेल ओवरब्रिज से लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। बता दें कि महेशखूंट रेलवे स्टेशन का निर्माण अंग्रेज शासन काल में ही हुआ था, लेकिन यात्री सुविधाओं का अब अभाव है। महेशखूंट रेलवे स्टेशन के सह संयोजक बासुदेव बिहारी ने बताया चार प्रखंडों व दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित नौ दस लाख आबादी के बीच महेशखूंट स्टेशन के केबिन ढ़ाला 25सी पर प्रस्तावित आरओबी का निर्माण को लेकर वे लोग लगातार आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि महेशखूंट रेलवे स्टेशन करीब 10 लाख की आबादी के बीच अवस्थित है। कृषि उपज के मामले में भी यह क्षेत्र संपन्न है। यहां केला, मक्का व गन्ना की खेती काफी होती है। इसलिए महेशखूंट स्टेशन पर अब रैक प्वाइंट का निर्माण किया जाना आवश्यक है। अंग्रेज जमाने से महेशखूंट में रैक प्वाइंट था। यहां से रेल द्वारा गन्ना लोडकर हसनपुर चीनी मिल भेजा जाता था, लेकिन साजिशन यहां से रैक प्वाइंट हटा लिया गया। ओवरब्रिज बनने से लागों का आवागमन होगा सुलभ : महेशखूंट रेलवे स्टेशन के पश्चिम केबिन ढाला 25सी पर रोड ओवरब्रिज बनने से आवागमन सुलभ होने के साथ-साथ हजारों लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। पूर्वोत्तर रेल उपभोक्ता संधर्ष समिति के केन्द्रीय संयोजक सुभाषचंद्र जोशी ने बताया कि महेशखूंट में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज निर्माण के लिए दर्जनों बार महेशखूंट रेलवे स्टेशन जन सहयोग से धरना प्रदर्शन किया गया था। रेल विभाग द्वारा ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिलने से वे काफी खुश हैं। ओवरब्रिज बनने से आवागमन निश्चित रूप से आसान और सुलभ हो जाएगा। निर्बाध लोग आवागमन कर सकेंगे। वही जिला परिषद सदस्य चंदन कुमार,महेशखूंट पंचायत मुखिया श्वेता कुमारी ने बताया कि ओवरब्रिज बनने से लोग ससमय अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचेंगे और समय की बचत होगा। वाहन चालक प्रमोद सिंह ने बताया बार-बार केबिन ढाला बंद रहने से घंटों जाम में फसे रहने से पेट्रोल व डीजल ज्यादा खपत होती है। ओवरब्रिज बनने से पेट्रोल व डीजल का बचत होगी। वही एंबुलेंस को जाम में फंसने की स्थिति भी पैदा नहंी होगी। रेलवे ढाला पर जाम में एंबुलेंस फंसने की स्थिति में मरीजों की जान सांसत में आ जाती है। बोले सांसद: रेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा महेशखूंट रेलवे स्टेशन के केबिन ढाला 25सी पर रोड ओवर ब्रिज निर्माण कराने की स्वीकृति मिल गई है। महेशखूंट क्षेत्र के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। महेशखूंट में यात्रियों की सुविधाओंं के लिए शीघ्र ही ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होगा। राजेश वर्मा, सांसद, खगड़िया।