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बैंक हड़ताल से 75 करोड़ का कारोबार प्रभावित

बैंक हड़ताल से 75 करोड़ का कारोबार प्रभावित

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटके रहे। ग्रामीण बंैक को छोड़कर 72 विभिन्न शाखाओं में काराबार ठप रहा। इससे करीब 75 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मी सरकार के विरोध में शहर में विरोध मार्च भी निकाला। इस दौरान बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन कर व सरकार विरोधी नारे लगाते हुए राजेन्द्र चौक पर इकट्ठा हुए।

दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बुधवार को जिला मुख्यालय के एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, सेन्ट्रल बंैक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य सभी राष्ट्रीय बैकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान बैंक कर्मियों ने घूम घूमकर बैंक शाखाओं क ो बंद कराया। वहीं जहां भी एटीएम खुले हुए थे। उन एटीएम के शटर भी गिरवाए।

एक वरीय बैंक अधिकारी ने बताया कि जिले में लगभग 75 करोड़ कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। हड़ताली बैंक कर्मियों ने हड़ताल से बाहर प्राइवेट बैंक, ग्रामीण बैंक व को ऑपरेटिव बैंकों को भी बंद कराया। हालांकि बाद में ये बैंक शाखा खोल दिए गए। बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि बैंकर्स के वेतनवृद्धि नवंबर 2017 से ही लंबित है लेकिन सरकार इस मामले में कोई सुध नहीं ले रही है। वहीं आए दिन बैंक कर्मियों पर हो रहे हमले से बैंक कर्मी आक्रोशित हैं।

विजया बैंंक के ओम सिंह ने बताया कि हाली के दिनों में अरवल जिले के बैंक ऑफ बरौदा के शाखा प्रबंधक आलोक चंद्र को कुछ अपराधियों ने दिन दहाड़े बैंक आने के दौरान हत्या कर दिया लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर पाई। वहीं सेन्ट्रल बैंक के रमाशंकर ने कहा कि सरकार बैंक कर्मियों के साथ उपेक्षा कर रही है। सरकार के उपेक्षा के शिकार बैंक के अधिकारी, कर्मी अब मानने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों में संजीत कुमार, प्रणव कुमार, पंकज कुमार, अभिमन्यु, अभिषेक, एनपी यादव आदि शामिल थे।

कारोबारियों को हुई काफी परेशानी: बैंकों के दो दिनों के हड़ताल पर रहने के कारण सबसे अधिक परेशानी व्यापारियों को हुई है। व्यावसायी राजीव भगत, चंद्रप्रकाश, सरोज आदि ने बताया कि बैंकों के बंद रहने के कारण संबंधित एजेंसी अथवा थोक विक्रेताओं को दूसरे जगह पर पैसे भेजने के लिए आरटीजीएस नहीं हो पाने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने बताया कि व्यवसाय में मुख्य रुप से समय पर पैसे का भुगतान करने का है लेकिन अब एक जून से पहले वे कंपनी कोपैसा नहीं भेज पाएंगे। जिससे माल आने में भी देरी होगी। व्यावसायियों ने बताया कि बैंक बंद रहने के कारण व्यापार भी प्रभावित होगा क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग भी एटीएम अथवा अन्य माध्यम से पैसे का भुगतान करते हैं ।

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  • Web Title:75 crore turnover affected by bank strike