निजी स्कूलों पर डीएम का आदेश, मनमानी फीस वसूली पर लगेगा लाखों का जुर्माना

Apr 12, 2026 01:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कटिहार
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निजी स्कूलों पर डीएम का आदेश, मनमानी फीस वसूली पर लगेगा लाखों का जुर्माना

कटिहार, वरीय संवाददाता जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब सख्त लगाम कसने की तैयारी कर ली गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नामांकन प्रक्रिया के दौरान अभिभावकों से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निजी विद्यालय अब पुन: नामांकन शुल्क (री-एडमिशन फीस), अनावश्यक वार्षिक शुल्क या अन्य किसी प्रकार का अनुचित शुल्क नहीं वसूल सकेगा। साथ ही, अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से ही किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।15

अप्रैल तक अपनी वेबसाइट पर पुस्तकों व यूनिफॉर्म का विवरण करें सार्वजनिकप्रशासन ने बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 के तहत निर्देश दिया है कि सभी स्कूल 15 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर कक्षावार किताबों की सूची, यूनिफॉर्म का विवरण और पूरी शुल्क संरचना सार्वजनिक करेंगे। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी किताबें और ड्रेस खरीद सकेंगे। फीस वृद्धि पर भी सख्त सीमा तय की गई है। किसी भी विद्यालय को 7 प्रतिशत से अधिक शुल्क बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों के उल्लंघन पर पहली बार में एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दोबारा उल्लंघन पर यह राशि दो लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। लगातार नियम तोड़ने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।स्कूलों का संचालन लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकताआरटीई अधिनियम 2009 के प्रावधानों का हवाला देते हुए डीएम ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों का संचालन लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता। साथ ही 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों का नामांकन अनिवार्य होगा। यूनिफॉर्म को लेकर भी बड़ा निर्देश जारी किया गया है। स्कूलों को कम से कम तीन वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं करने को कहा गया है, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।कैपिटेशन फीस और प्रोन्नति के नाम पर वसूले जाने वाले शुल्क पर भी पूरी तरह रोकजिला प्रशासन ने कैपिटेशन फीस और प्रोन्नति के नाम पर वसूले जाने वाले शुल्क पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। अगली कक्षा में जाने के दौरान किसी भी प्रकार का नया नामांकन शुल्क लेना दंडनीय माना जाएगा। इसको लेकर सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। उन्हें प्रतिदिन रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को देनी होगी, जबकि डीईओ स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस सख्ती के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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