Katihar News: बिजली की खबर- 02- बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल: फॉल्ट के बाद घंटों इंतजार, उपकरणों की कमी से बढ़ रही परेशानी
Katihar News: बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल: फॉल्ट के बाद घंटों इंतजार, उपकरणों की कमी से बढ़ रही परेशानी बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल: फॉल्ट के बाद घंटों इंतजार, उपकरणो

Katihar News: कटिहार, हिंदुस्तान टीम जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि मामूली फॉल्ट की मरम्मत में भी कई-कई घंटे लग रहे हैं। यदि कहीं पोल, कंडक्टर, इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर या अन्य उपकरण बदलने की जरूरत पड़ जाए तो बिजली बहाल होने में और अधिक समय लग जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को दिन-रात अघोषित बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। किसानों की सिंचाई, छात्रों की पढ़ाई, छोटे कारोबार और घरेलू जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
समस्याओं का कारण
सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग में कई जरूरी सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। कंडक्टर, फैब्रिकेटिंग मटेरियल, इंसुलेटर, एबी स्विच और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता सीमित बताई जा रही है। वहीं ट्रांसफार्मर रिपेयर वर्कशॉप (टीआरडब्ल्यू) की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। ऐसे में किसी बड़े फॉल्ट या उपकरण बदलने की स्थिति में मरम्मत कार्य लंबा खिंच जाता है।
प्राणपुर को लक्ष्य से आधी बिजली
प्राणपुर में बिजली संकट लंबे समय से बना हुआ है। रोशना के उपभोक्ता रवि गुप्ता, मनोज साह, मोहम्मद सलाउद्दीन और मोहम्मद फिरोज का कहना है कि 24 घंटे में मुश्किल से चार घंटे बिजली मिलती है, वह भी लो-वोल्टेज के साथ। ट्रांसफार्मर जलने के बाद उसे ठीक होने में कई दिन लग जाते हैं। हालांकि विद्युत अभियंता विजयकांत ठाकुर का कहना है कि प्राणपुर की आवश्यकता 12 मेगावाट है, जबकि आपूर्ति मात्र 5 से 6 मेगावाट ही हो पाती है। कई बार यह 3 से 5 मेगावाट तक रह जाती है, जिससे निर्बाध आपूर्ति संभव नहीं हो पाती। उन्होंने दावा किया कि ट्रांसफार्मर जलने पर 24 घंटे के भीतर बदल दिया जाता है तथा पोल और तार सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध है।
कुरसेला में 33 केवी लाइन का फॉल्ट बना बड़ी समस्या
कुरसेला में 33 केवी लाइन में फॉल्ट आने के बाद कई-कई घंटे बिजली बाधित रहती है। हाल ही में नवगछिया की ओर लाइन में खराबी आने से करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य की गति काफी धीमी रहती है, जिससे पूरी रात बिजली नहीं रहती। उपभोक्ताओं ने विभाग से पर्याप्त तकनीकी संसाधन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
हसनगंज में किसान सबसे अधिक प्रभावित
हसनगंज प्रखंड में बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। धान की रोपनी और मखाना की खेती के लिए इस समय नियमित सिंचाई आवश्यक है, लेकिन बिजली कटौती के कारण मोटर नहीं चल पा रही है। किसानों को मजबूरन डीजल पंप का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों सुबोध विश्वास, चंदन कुमार, अमरनाथ यादव, श्रीलाल उराँव, बिनोद मंडल, दिलीप मंडल और अब्दुल वाहिद ने बताया कि घंटों बिजली नहीं रहने से समय पर सिंचाई नहीं हो पा रही है। वहीं स्थानीय उपभोक्ता प्रकाश मंडल, महेंद्र मंडल, कृष्णा सिंह और अशोक यादव का कहना है कि छोटी-छोटी खराबियों को ठीक करने में भी कई घंटे लग जाते हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी और अतिरिक्त तकनीकी टीम तैनात करने की मांग की है।
सेमापुर में बिना सूचना घंटों कटौती
सेमापुर और आसपास के इलाकों में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहती है। इससे पेयजल आपूर्ति, विद्यार्थियों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। रात में बिजली कटने से लोगों को उमस और मच्छरों के बीच रात गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल-बिजली की कमी या व्यवस्था की खामी?
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जिले को आवश्यकता के अनुरूप बिजली आवंटित हो रही है तो फिर कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली कटौती क्यों हो रही है। लोगों ने विभाग से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि जिले को वास्तविक रूप से कितनी बिजली मिल रही है, विभिन्न प्रखंडों को कितना आवंटन किया जा रहा है और किन क्षेत्रों में सबसे अधिक फॉल्ट की समस्या है। साथ ही विभाग के पास कंडक्टर, इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर, एबी स्विच और अन्य आवश्यक सामग्रियों का कितना स्टॉक उपलब्ध है, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। बिजली संकट को लेकर लगातार बढ़ रही शिकायतों के बीच अब उपभोक्ताओं की निगाहें बिजली विभाग की व्यवस्था सुधारने की पहल पर टिकी हैं। उनका कहना है कि यदि संसाधन, पर्याप्त स्टॉक और त्वरित मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित हो जाए तो लंबे समय तक होने वाली बिजली कटौती से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें
लंबे समय तक बिजली कटौती वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी की जाए।
फॉल्ट सुधार के लिए अतिरिक्त तकनीकी टीम और पर्याप्त मानवबल तैनात किया जाए।
ट्रांसफार्मर, कंडक्टर, इंसुलेटर, एबी स्विच सहित आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए।
ट्रांसफार्मर बदलने और फॉल्ट मरम्मत की समय-सीमा तय कर उसका पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिले को मिलने वाली बिजली और प्रखंडवार आपूर्ति की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
कृषि सीजन को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
बारसोई विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार रजक ने बताया कि वर्तमान में विभाग के स्टोर में एबी (एयर ब्रेक) स्विच उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार जहां जरूरत पड़ी, वहां एबी स्विच पहले ही लगा दिए गए हैं। हालांकि अन्य आवश्यक विद्युत सामग्री, जैसे कंडक्टर, इंसुलेटर और अन्य उपकरण पूर्णिया एवं कटिहार के स्टोर में उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्रों में उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि विभाग फॉल्ट होने पर यथाशीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करता है और आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
वहीं कटिहार विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता धीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि 220 मेगावाट बिजली की जरुरत है। इतनी बिजली मिल रही है। कभी पूर्णिया से आपूर्ति बाधित होने तो कभी मौसमीय कारण से आंधी पानी में तार टूटने के कारण तो कभी ट्रांसफरमर को मरम्मत करने में देरी होने से बिजली कट की परेशानी होती है। किसी भी संसाधन की कमी स्टोर में नहीं है।
1.32 लाख ट्रांसमिशन लाइन में खराबी से जिले पांच घण्टे तक ब्लैक आउट की स्थिति
पूर्णिया ग्रिड में आयी गड़बड़ी से गुल रही बिजली
कटिहार, निज प्रतिनिधि
पूर्णिया ग्रिड से आने वाली एक लाख 32 हजार की ट्रांसमिशन लाइन में तकनीकी खराबी से सोमवार को कटिहार विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले शहर सहित ग्रामीण इलाकों में ब्लैक आउट की स्थिति बनी रही l दिन के समय भी दो घण्टे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही l दोपहर बाद पौने पांच बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही l विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता धीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि पूर्णिया ग्रिड में मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही आपूर्ति व्यवस्था बहाल होगी l हालांकि 7.30 बजे बिजली आपूर्ति शुरू की गई l उमस भरी गर्मी में बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा l दिन के समय भी रह रहकर पावर कट की स्थिति बनी रही है l 1.32 लाख ट्रांसमिशन लाइन में खराबी के कारण पांच घण्टे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही l बताते चलें कि कटिहार और बारसोई विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में बिजली कटौती से त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई l मेंटनेंस और विभागीय दावों के बाद भी नियमित रूप से लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है l
सामान्य प्रश्न
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