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लोकसभा चुनाव में जमीन पर राजनेताओं की कम दिखाई सक्रियता

कटिहार। विगत दो लोकसभा चुनाव से प्रत्याशियों एवं राजनेताओं के लिए सक्रियता में कमी...

लोकसभा चुनाव में जमीन पर राजनेताओं की कम दिखाई सक्रियता
हिन्दुस्तान टीम,कटिहारWed, 15 May 2024 12:15 AM
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कटिहार। विगत दो लोकसभा चुनाव से प्रत्याशियों एवं राजनेताओं के लिए सक्रियता में कमी देखी जा रही है। इससे पूर्व चुनाव की रणभेरी बचते ही राजनेता से लेकर प्रत्याशी एवं पार्टी समर्थक नेता मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने में काफी सक्रिय हो जाते थे। लेकिन चुनाव के बदलते पैटर्न और सोशल मीडिया के बदलते हुए रूप के कारण अब राजनेता एवं पार्टी प्रत्याशी व्हाट्सएप ग्रुप, ट्विटर, फेसबुक के जरिए मतदाताओं से संपर्क बनाने में लग जाते हैं। दूसरे चरण के तहत विगत 26 अप्रैल को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिला। पहले के चुनाव में जहां नेताओं और प्रत्याशियों द्वारा नुक्कड़ सभा से लेकर गांव-गांव और पंचायत पंचायत के लोगों से मिलकर अपनी बात रखना और अपने दल के प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते थे । लेकिन इस बार के चुनाव में कुछ अलग नजारा देखने को मिला।

प्रचार प्रसार के मामले में एनडीए रहा सबसे आगे

कटिहार लोकसभा चुनाव के दौरान खासकर एनडीए की ओर से चुनाव मैदान में कूदे जदयू के प्रत्याशी के लिए जदयू, भाजपा समेत अन्य दलों के नेताओं की सक्रियता काफी देखी गई। जदयू के लिए स्टार प्रचारकों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, बिहार के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी से लेकर कई राजनेताओं ने जनसभा के द्वारा मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया लेकिन। इस मामले में इंडिया गठबंधन के बड़े नेताओं की कम सक्रियता देखी गई । इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का राजेंद्र स्टेडियम में जनसभा को छोड़कर इस गठबंधन से बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव एवं निषाद नेता मुकेश सहनी ने पूरी ताकत से प्रचार प्रचार का कमान संभाले रखा।

कई जगह प्रत्याशियों को देखने को इंतजार करते रह गए लोग

लोकसभा चुनाव में लंबा क्षेत्रफल होने के कारण सभी प्रत्याशी पूरे क्षेत्र का दौरा करने में असफल साबित होते हैं। चुनाव के दौरान हर जगह जा पाना नामुमकिन सा होता है। बावजूद सभी प्रत्याशी अधिकतम क्षेत्र में जाने का प्रयास करते हैं । इस बार के लोकसभा चुनाव में खासकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के तहत अमदाबाद, बरारी, प्राणपुर, कदवा एवं अन्य विधानसभा के दियारा इलाके के मतदाताओं ने बताया कि उनके इलाके में एनडीए से लेकर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों को प्रचार के दौरान नहीं के बराबर देखा गया । बावजूद दलीय आधार पर उन लोगों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए मतदान में हिस्सा लिया। कुल मिलाकर सोशल नेटवर्क के बढ़ते क्रम को देखते हुए इस चुनाव में राजनेताओं एवं प्रत्याशियों की सक्रियता सर जमीन पर कम देखी गई।

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