
चुनाव--पीएम के कार्यक्रम का असर दिखेगा विधानसभा क्षेत्रों में
पीएम के कार्यक्रम का असर दिखेगा विधानसभा क्षेत्रों में पीएम के कार्यक्रम का असर दिखेगा विधानसभा क्षेत्रों में पीएम के कार्यक्रम का असर दिखेगा विधानसभा
कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि प्रधानमंत्री परेन्द्र मोदी के सोमवार को कटिहार आगमन ने जिले की सियासत में नई हलचल ला दी है। विधानसभा चुनाव की दस्तक के साथ ही पीएम के कार्यक्रम का असर अब सीधे सातों विधानसभा क्षेत्रों में दिखने लगा है। प्रत्याशी जहां उत्साह से भरे हैं, वहीं मतदाताओं में भी एक नई ऊर्जा और चर्चा का माहौल है। कटिहार, मनिहारी, कदवा, प्राणपुर, बरारी, बलरामपुर और कोढ़ा क्षेत्रों में पीएम की रैली के बाद सत्तारूढ़ दल के प्रत्याशियों के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। कार्यकर्ताओं में जोश है, और प्रचार में अब रात-दिन का फर्क मिट गया है। सोशल मीडिया से लेकर नुक्कड़ सभाओं तक विकास और विश्वास का नारा गूंज रहा है।

वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी रणनीति तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, कई सीनियर नेताओं के जिले में आने की संभावना है, ताकि भाजपा की रैली से बने माहौल का संतुलन साधा जा सके। कांग्रेस, राजद और वाम दलों ने अपने जिला अध्यक्षों और बूथस्तरीय कार्यकर्ताओं से विशेष बैठकें शुरू कर दी हैं। बोले पार्टी के जिला अध्यक्ष भाजपा के जिला अध्यक्ष मनोज राय एवं जदयू के जिला अध्यक्ष सूरज प्रकाश राय का कहना है कि पीएम के कार्यक्रम ने जनता का ध्यान जरूर खींचा है। एनडीए की सरकार ने जनता के विश्वास पर खड़ा उतरा है। इसलिए जनता हमारे साथ है। आगामी दिनों में नेताओं के दौरे और जनसभाओं के बीच कटिहार की सियासी फिज़ा और गरमाने वाली है । ---------------- अब बिना वोटर आईडी भी कर सकेंगे मतदान आयोग ने दिए 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों के विकल्प जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने की अपील मतदान के दिन साथ रखें कोई एक वेद्य पहचान पत्र ताकि प्रक्रिया हो पारदर्शी और निष्पक्ष कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन के तहत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब वोट डालने के लिए केवल मतदाता पहचान पत्र ही जरूरी नहीं होगा। आयोग के निर्देशानुसार मतदाता अपनी पहचान के प्रमाण के रूप में 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान पत्रों में से किसी एक का उपयोग कर सकेंगे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने निर्देश जारी किया है कि प्रशासन का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन अपने साथ इन 12 में से कोई एक वैध पहचान पत्र अवश्य लेकर मतदान केंद्र जाएं, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। अधिकारी ने बताया कि इन वैकल्पिक पहचान पत्रों से अब कोई भी मतदाता मतदान से वंचित नहीं रहेगा। जिले में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि पहचान पत्र साथ लाएं, लोकतंत्र के पर्व में भाग लें। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि इस बार अधिकाधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और जिले में शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग देंगे। मतदाता इन 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों के आधार पर कर सकेंगे मतदान 1. आधार कार्ड 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक 4. श्रम मंत्रालय/आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6. पैन कार्ड 7. एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज़ 10. केंद्रीय/राज्य सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र 11. सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र 12. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी ------------------ वोटरों की चुप्पी में छिपा संदेश कटिहार में जातीय गोलबंदी और विकास के बीच उलझी चुनावी विशाल सर्द हवाओं संग बढ़ी सियासी बेचैनी मंचों पर विकास की बात लेकिन गलियों में जातीय समीकरणों की गूंज मतदाताओं की खामोशी ने उम्मीदवारों की नींद उड़ाई कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि रिमझिम फुहारों और ठंडी हवाओं के बीच कटिहार जिले का सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। मतदान में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन मतदाताओं की चुप्पी ने नेताओं की बेचैनी बढ़ा दी है। मंचों पर विकास, सड़क, शिक्षा और रोजगार की बातें तो खूब हो रही हैं, पर गांवों की गलियों में जातीय गोलबंदी की खामोश हलचल स्पष्ट महसूस की जा सकती है। हर दल अपने परंपरागत वोटरों को साधने के साथ-साथ दूसरे वर्गों में सेंध लगाने की पूरी कोशिश में जुटा है। शाम-दाम-अनुनय-विनय का दौर जारी है। शहर से लेकर गांव तक, हर समुदाय अपने-अपने पसंदीदा उम्मीदवार के ईद-गिर्द धीरे-धीरे संगठित हो रहा है। मंगलबाजार के व्यवसायी रेहान का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन अपना आदमी भी जरूरी है। यही सोच अब चुनावी रणनीति की दिशा तय कर रही है। 87 प्रत्याशी सात विधानसभा क्षेत्र में हैं डटे कटिहार नगर से लेकर कदवा, बलरामपुर और प्राणपुर तक, समीकरण उलझे हुए हैं। जिले की सातों विधानसभा सीटों पर 87 उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से मुकाबला और पेचीदा हो गया है। एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर के साथ कई निर्दलीय और जनसुराज, आम आदमी पार्टी जैसे दल समीकरण बिगाड़ने को तैयार बैठे हैं। कटिहार, प्राणपुर और कोढ़ा से भाजपा प्रत्याशी क्रमश: पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, निशा सिंह और कविता देवी मैदान में हैं। वहीं, जदयू से बरारी में विजय सिंह, मनिहारी में शंभू सुमन और कदवा से पूर्व सांसद दुलालचंद गोस्वामी किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरी ओर, महागठबंधन ने कटिहार से वीआईपी के सौरभ अग्रवाल, प्राणपुर से राजद की इशरत परवीन और मनिहारी से कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह पर दांव लगाया है। युवा पलट सकते हैं चुनावी तस्वीर राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार युवा और प्रथम बार वोट देने वाले मतदाता चुनावी तस्वीर को पलट सकते हैं। छठ पर्व के बाद बड़ी संख्या में प्रवासी मतदाताओं के बाहर जाने से उम्मीदवारों की बूथवार रणनीति भी गड़बड़ा गई है। जो नेता पहले जीत के दावे कर रहे थे, अब संख्यात्मक अंतर को लेकर चिंतित दिख रहे हैं। कटिहार के मतदाता अंतिम समय में ही करते हैं रुख स्पष्ट मतदाताओं की यह चुप्पी साधारण नहीं है। कई परिवार अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि वोट किसे देंगे। पुराने अनुभव बताते हैं कि कटिहार के मतदाता अंतिम समय में ही रुख स्पष्ट करते हैं। यही वजह है कि प्रत्याशी अब चौपालों में जा रहे हैं, घर-घर दस्तक दे रहे हैं, और हर मतदाता से व्यक्तिगत संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर, कटिहार का चुनावी माहौल सियासी सर्दी में भी गर्म है। जातीय गोलबंदी अपनी जगह कायम है, लेकिन अगर किसी उम्मीदवार ने विश्वसनीय तरीके से विकास का एजेंडा जनता तक पहुंचा दिया, तो यह खामोशी किसी बड़े उलटफेर में भी बदल सकती है। वोटिंग के दिन ही इस चुप्पी का असली अर्थ सामने आएगा । यही इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी होगी। --------------- हर मतदाता तक पहुंचे वोटर स्लिप प्रशासन ने तेज की तैयारी, बीएलओ कर रहे हैं घर-घर वितरण मतदाता अब अपने मतदान केंद्र और क्रमांक की जानकारी आसानी से पा सकेंगे डीएम ने दिए निर्देश वाटर गाइड में बताए गए मतदान के अधिकार और प्रक्रिया के नियम कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में वोटर स्लिप का वितरण जारी है, ताकि हर मतदाता को समय रहते अपने मतदान केंद्र और क्रमांक की जानकारी मिल सके। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वोटर स्लिप का वितरण शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए, जिससे किसी मतदाता को मतदान के दिन कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता को अब तक वोटर स्लिप नहीं मिली है, तो वे अपने संबंधित बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर उसे प्राप्त कर सकते हैं। हर परिवार को कराया जा रहा है वोटर गाइड भी उपलब्ध प्रशासन की ओर से हर परिवार को वोटर गाइड भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें मतदान की प्रक्रिया, मतदान के दिन पालन किए जाने वाले नियम, मतदाता के अधिकार और कर्तव्यों की पूरी जानकारी दी गई है। इससे लोगों को मतदान केंद्र पर सही तरीके से वोट डालने में मदद मिलेगी। डीएम मनेश कुमार मीणा ने अपील की है कि सभी मतदाता मतदान के दिन वोटर स्लिप और वैध पहचान पत्र अपने साथ लेकर मतदान केंद्र अवश्य जाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जिले के विभिन्न प्रखंडों में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाता स्लिप का वितरण जारी है। प्रशासन ने विश्वास जताया है कि इस बार कटिहार जिले में शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य पूरा किया जाएगा, जिससे लोकतंत्र की नींव और मजबूत हो सके।

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