DA Image
28 अक्तूबर, 2020|1:17|IST

अगली स्टोरी

मुआवजे को ले अफसर का किया घेराव

मुआवजे को ले अफसर का किया घेराव

प्रखंड के गांजन महेशपुर घाट में बने पुल का एप्रोच बरसात एवं वर्षा के पानी के बीच बह जाने से सड़क के बीच एक पगडंडी है। जिससे लोग पैदल या दो वाहन से आवागमन को विवश हैं।

एप्रोच की मरम्मत के लिए अनुमंडल पदाधिकारी ने टीम गठित कर थानाध्यक्ष और सीओ संजय कुमार सिंह को घटनास्थल पर जांच करने और एप्रोच निर्माण के लिए भेजा गया था। मंगलवार को किसानों के विरोध के कारण एप्रोच की मरम्मत नहीं हो सकी। किसान पुल निगम के पदाधिकारी के घटनास्थल पर आने की मांग पर अड़ गये। साथ ही एप्रोच के नीचे दबे अपनी जमीन के मुआवजे की मांग करने लगे। मालूम हो कि 2015 में स्थानीय विधायक सह तात्कालीन मंत्री दुलालचन्द्र गोस्वामी के प्रयास से पुल निगम पटना द्वारा पुल का निर्माण कराया गया था। पुल के दोनों ओर एप्रोच बनानेसे स्थानीय एक दर्जन से अधिक किसानों की जमीन दब गयी। पुल निगम पटना ने तत्कालीन डीएम मिथिलेश मिश्र के माध्यम से किसानों को भरोसा दिलाया था कि जमीन का मुआवजा मिल जायेगा। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद किसानों ने एप्रोच बनने दिया गया था। आज तक किसान जमीन के मुआवजे से वंचित हैं। घटना को बीते करीब दो वर्ष से अधिक समय हो गया। व्यापार मंडल के प्रखंड अध्यक्ष मो जिन्ना ने कहा कि इससे पहले जनप्रतिनिधि के सहयोग से गांजन पुल से आवागमन चालू कराया गया था। उसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी पूनम द्वारा गांजन पुल का औचक निरीक्षण किया गया था। एक सप्ताह के अंदर सभी जमीन मालिकों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया। मौके पर हलका कर्मचारी दीपक कुमार सिन्हा, पूर्व मुखिया मो सगीर, असगर अली, किसान मोहम्मद मुख्तार, मो नईमुद्दीन, मो सद्दाम सहित दर्जनों व्यक्ति उपस्थित थे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Officer 39 s siege to take compensation