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13 अगस्त को नागपंचमी के दिन नाग देवता की होगी पूजा

हिन्दुस्तान टीम,कटिहारPublished By: Newswrap
Mon, 02 Aug 2021 04:40 AM
13 अगस्त को नागपंचमी के दिन नाग देवता की होगी पूजा

कटिहार | हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

इन दिनो सावन मास का पवित्र महीना चल रहा है। इसी माह में नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष सावन मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्यौहार आता है। इस दिन नाग देवता की पूजा पूरे विधि-विधान से किया जाता है।

भगवान शिव को नाग अति प्रिय है। इसलिए नाग देवता वासुकि भगवान शिव के गले की शेभा बढ़ाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पौराणिक काल से ही सर्पों को देवता के रुप में पूजा जाता रहा है। इसलिए नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा व आराधना से आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

नाग पंचमी का मुहूर्त: नाग पंचमी का मुहूर्त बताते हुए एजी बाजार स्थित माता वैष्णवी मंदिर के आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि नाग पंचमी पर्व 13 अगस्त दिन शुक्रवार को है। पंचमी तिथि का प्रारंभ 12 अगस्त गुरुवार को 03 बजकर 24 मिनट से शुरू है जबकि समापन 13 अगस्त को 01 बजकर 42 मिनट तक है। उन्होंने बताया कि नाग पंचमी का पूजा मुहूर्त 13 को सुबह 05:49 से 08:28 तक है।

नाग पंचमी का महत्व: नाग पंचमी के महत्व की चर्चा करते हुए आचार्य ने बताया कि सावन में नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक करना शुभ माना गया है। इस दिन नाग पूजा करने से कालसर्प दोष दूर होता है तथा विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन 12 नागों की पूजा की जाती है। विशेष रुप से इस दिन नागों को दूध अर्पित की जाती है। इन नागों में अनन्त, वासुकि, शेष, पद्य, कम्बल, कर्काटक, अश्वतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक एवं पिंगल नाग की पूजा होती है।

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