मानसून ने पकड़ी रफ्तार, पांच दिनों तक झमाझम बारिश के आसार
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, पांच दिनों तक झमाझम बारिश के आसार मानसून ने पकड़ी रफ्तार, पांच दिनों तक झमाझम बारिश के आसारमानसून ने पकड़ी रफ्तार, पांच दिनों

कटिहार, वरीय संवाददाता कटिहार जिले में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार की अहले सुबह जिला मुख्यालय से लेकर विभिन्न प्रखंडों तक हुई झमाझम बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। लगातार बादलों की आवाजाही और बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी पांच दिनों तक जिले में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों विशेषकर धान की रोपनी को गति मिलेगी।
मौसम पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 29 जून से 3 जुलाई के बीच जिले में कुल 58 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज होने का अनुमान है। इस दौरान बारिश की संभावना 80 से 90 प्रतिशत तक बनी रहेगी। रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है। लगातार वर्षा और बादल छाए रहने से अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
वर्षा का कृषि पर प्रभाव
पूर्वानुमान के मुताबिक 29 जून को 3.7 मिमी, 30 जून को 17 मिमी, 1 जुलाई को 20 मिमी, 2 जुलाई को 8.7 मिमी तथा 3 जुलाई को 9.3 मिमी वर्षा होने की संभावना है। वहीं हवा की गति 4 से 16 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रह सकती है।
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक लाभ कृषि क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। जिले में धान की रोपनी का कार्य तेजी से चल रहा है और खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। कई किसानों ने बारिश को खरीफ सीजन के लिए शुभ संकेत बताया है। खेतों में नमी बढ़ने से रोपनी कार्य में तेजी आने की संभावना है।
जलजमाव की समस्या
हालांकि बारिश का दूसरा पहलू भी सामने आया है। सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई मोहल्लों और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। जगह-जगह पानी भर जाने से पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था चुनौती बनी हुई है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम का यही रुख बना रहा तो जिले में धान उत्पादन के लिए बेहतर परिस्थितियां तैयार होंगी। साथ ही किसानों को खेतों में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी ताकि अत्यधिक वर्षा का नुकसान फसलों को न पहुंचे।
धान रोपनी के लिए अनुकूल समय
कृषि विज्ञान केंद्र कटिहार के कृषि वैज्ञानिक पंकज कुमार ने कहा कि वर्तमान मौसम धान की रोपनी और अन्य खरीफ फसलों के लिए काफी अनुकूल है। किसानों को वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करना चाहिए तथा जिन खेतों में पानी अधिक जमा हो रहा है, वहां समय पर जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। लगातार बारिश के दौरान उर्वरकों का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें और फसलों में रोग व कीट के शुरुआती लक्षणों पर नजर रखें। मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष धान उत्पादन की संभावनाएं बेहतर होंगी।


