
मां से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं होता:स्वरूपिणी किशोरी
पांच जगहों पर होता है कलयुग का बास पांच जगहों पर होता है कलयुग का बास पांच जगहों पर होता है कलयुग का बास पांच जगहों पर होता है कलयुग का बास पांच जगहों
बारसोई निज प्रतिनिधि। बारसोई बाजार के श्री विष्णु मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में लोगों की भीड़ देखी जा रही है। बाल श्री कृष्ण के जन्म के उत्सव प्रसंग पर लोगों ने उत्साह के साथ झूमते रहे। मौके पर परम पूज्या राधा स्वरूपिणी किशोरी शिवि दीक्षित ने कहा कि जुआ, शराब, वेश्यालय, मांसाहार और सोना इन पांच जगहों पर कलयुग का बास करता है। उन्होंने कहा कि इन सभी कुरीतियों से मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है । वे अधर्म के रास्ते चल परते हैं, और उनका विनाश हो जाता है । उन्होंने लोगों को धर्म के रास्ते पर चलने का ज्ञान देते हुए कहा कि धर्म के चार अंग है सत्य, दया, दान व तपस्या ।

उन्होंने दया को धर्म का मूल बताते हुए कहा कि जिससे लोगों को सुख मिले वह धर्म है। उन्होंने बताया कि माता की महत्ता बताते हुए कहा कि मां से बड़ा शुभचिंतक कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मां ममतामई होती है। बच्चे चाहे कितनी भी गलती कर दें, फिर भी मां उन्हें माफ कर देती है। उन्होंने द्रोपदी का उदाहरण देते हुए कहा कि द्रोपदी के पुत्रों को अश्वत्थामा ने मार दिया था फिर भी द्रोपदी ने अश्वत्थामा को माफ कर दिया। यह मां का दिल ही था जो उसे माफ कर पाया। इसलिये सभी को मातृ भक्त बनाने को कहा, ज्ञात हो की श्री विष्णु मंदिर न्यास समिति तथा श्रीमद् भागवत कथा समिति बारसोई बाजार द्वारा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का संचालन हो रहा है जिसके ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालु गोता लगा रहें हैं, जिसकी व्यवस्था संचालन में संपूर्ण बारसोई बाजार वासी लगे हुए हैं।

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