संपत्ति विवरण नहीं दिया तो अटकेगा वेतन
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कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले में शिक्षा विभाग ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए चल-अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य कर दिया है। तय समय सीमा के भीतर संपत्ति का ब्यौरा नहीं देने वालों का वेतन स्थगित कर दिया जाएगा, साथ ही उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की अनुशंसा भी की जाएगी। इसे लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुलचन्द्र चौधरी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश अपर मुख्य सचिव-सह-मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के पत्र के आलोक में जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी किया गया है। डीईओ ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को पत्र भेजकर इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।
डीईओ द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, जिले के अंतर्गत सभी ग्रुप ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को 31 दिसंबर के आधार पर अपनी चल-अचल संपत्ति और दायित्वों की विवरणी निर्धारित विहित प्रपत्र में तैयार करनी होगी। कर्मियों की सूची प्रपत्र-1 में 15 जनवरी तक तथा संपत्ति व दायित्वों की विस्तृत विवरणी 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी है। संपत्ति विवरण पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो विभाग ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति विवरण पूरी तरह कंप्यूटरीकृत होना चाहिए। विवरणी एक्सेल फॉर्मेट में तैयार कर सॉफ्ट कॉपी (सीडी या पेन ड्राइव) और हार्ड कॉपी दोनों रूप में जमा करनी होगी। ए4 साइज के सफेद कागज पर एक समान प्रिंट, कंप्यूटर टंकित विवरण अनिवार्य होगा। हस्तलिखित या मैनुअल डाटा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक कर्मी या पदाधिकारी की संपत्ति विवरणी अलग-अलग होगी और हर पृष्ठ पर संबंधित व्यक्ति का हस्ताक्षर होना जरूरी है। डीईओ ने दिया निर्देश डीईओ ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी बीईओ अपने-अपने प्रखंड अंतर्गत विद्यालयों और कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों की सूची तैयार कर हार्ड व सॉफ्ट कॉपी में कार्यालय को उपलब्ध कराएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर वेतन स्थगित करते हुए उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। यह आदेश जिले के सभी कोटि के शिक्षकों-प्रधानाध्यापक, विशिष्ट शिक्षक, नियोजित शिक्षक और विद्यालय अध्यापक-पर भी समान रूप से लागू होगा। संपत्ति विवरण में नकद राशि, बैंक जमा, वाहन, आभूषण जैसी चल संपत्ति, भूमि व मकान जैसी अचल संपत्ति के साथ-साथ किसी भी प्रकार के कर्ज का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है।
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