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6 अप्रैल, 2020|12:48|IST

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सीढ़ी घाट पर दो वर्ष बाद भी सुविधाओं के लिए जमीन नही

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जिलाधिकारी पूनम ने गंगा नदी का 31 अक्टूबर 2019 में निरीक्षण कर सीढ़ीनुमा घाट निर्माण कराने का निर्देश नगर पंचायत मनिहारी को दिया था। इसके बावजूद गंगा तट नदी पर न तो शेड बना और न ही शौचालय ही, और न ही आज तक इस पर कोई कार्य नहीं हो सका।

जिसके कारण श्रद्धालुओं में रोष है। पौष मास के मौके पर मकर संंक्राति में बड़ी संख्या में महिलाएं पुरुष गंगा स्नान करने के लिए पहंुचते हैं। श्रद्धालुओं को कोई सुविधा नहीं मिलने के कारण स्नान के बाद परेशानी होती है। डीएम के निरीक्षण के बाद लोगों में आशा जगी थी कि अब गंगा नदी के तट पर शौचालय, यात्री शेड का निर्माण हो जायेगा लेकिन वह धरे के धरे ही रह गया।

गंगा तट के सौंदर्यीकरण को लेकर विधान सभा में भी आवाज बुलंद किया गया। लेकिन आज तक उसकी पूर्ति नहीं हो सकी। सात अप्रैल 2018 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने शौचालय निर्माण कराने को लेकर गंगा तट पर आधारशीला रखी थी। जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका। ग्रामीण प्रमोद झा, जयप्रकाश कुमार ने बताया कि गंगा तट पर सीढ़ीनूमा घाट, शौचालय की जरुरत है। विभिन्न पर्व त्योहारों में काफी संख्या में श्रद्धालु पहंुचते हैं। लेकिन श्रद्धालुओं को कोई सुविधा नहीं मिलता है। महिलाओं को होती है परेशानी: महिलाओं को मकर संक्राति के दिन गंगा स्नान के बाद काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा। केबिन की भी व्यवस्था इस बार नहीं की गयी है। इसके अलावा सुरक्षा के दृष्टिकोण से गहरे पानी को इंगित करने के लिए बांस बल्ले का बैरिकेडिंग नहीं किये जाने से गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की डुबने की संभावना प्रबल रहती है। जबकि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा निर्देश है कि गोताखोर, मोटरबोट, रेसक्यू टीम आदि की व्यवस्था करायी जाये। सुविधा विहीनता का दंश झेल रहे इन गंगा तटों पर माकूल व्यवस्था नहीं होने के कारण पर्यटकीय दृष्टिकोण से इन परिक्षेत्र में दिनानुदिन सूनापन आते जा रहा है।

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  • Web Title:Ladder pier over two year after too facilities ground