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16 सितम्बर, 2020|3:46|IST

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दवाई की बढ़ी कीमतें से कटिहार जिले के मरीज परेशान

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जिले में कुछ दवाओं की कीमत में बदलाव आयी है। दर्द निवारक दवा से लेकर एंटीबायोटिक दवाओं की कीमत में कमोवेश पांच से सौ रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। कोरोना संकट में बढ़ी कीमत ने मरीजों का दर्द बढ़ा दिया है।

दवाओं की कमी नहीं फिर भी कम्पनी द्वारा ही दवा की कीमत बढ़ा दी गयी है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि कोरोना संकट से पूर्व ही दवा की कीमत में वृद्धि की गयी है। कोरोना काल में अब तक किसी भी कम्पनी द्वारा कमोवेश दवा की कीमत में वृद्धि करने की घोषणा नहीं की गयी। दवा विक्रेता विनोदपुर निवासी प्रशंात कुमार ने बताया कि मार्च 2020 में तैयार किये गये ज्वांइंट पेन की दवा की कीमत में वृद्धि हुई है। उक्त दवा की कीमत 410 प्रति दस टेबलेट था जो वर्तमानमें 251 हो गया है। उन्होंने बताया कि अन्य कोई दवाओं की कीमत में वृद्धि होने की सूचना अभी तक उपलब्ध नहीं है। जिला क ेमिस्ट एसोसिएशन के जिला सचिव वीरेन्द्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि कोरोना संकट के बाद सरकार द्वारा एक डिटेल मांगा गया था जिसमें कहा गया था कि विदेशों से कई प्रकार की दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग करनेवाले महत्वपूर्ण सामग्री उपलब्ध नहीं हो पा रहे हेैं वैसे दवाओं का स्टॉक की स्थिति क्या है जिले में भी स्टॉप की स्थिति से अवगत सरकार को कराया गया था। उसके बाद से अब तक दवा का रेट बढ़ाने से सम्बंधित किसी प्रकार का आदेश या नोटिस जारी नहीं किया गया है। सहायक औषधि नियंत्रक एससी राय ने कहा कि कोविड 19 महामारी के दौर में एक या दो दवा की कीमत में बदलाव का संकेत दिया गया था लेकिन अब तक कोई दवा की कीमत में वृद्धि होने की सूचना प्राप्त नहीं है।

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  • Web Title:Katihar district patients upset due to increased prices of medicines