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कटिहार : कौड़ी के भाव उपयोग हो रही जिला परिषद की 25 सौ एकड़ जमीन

हिन्दुस्तान टीम,कटिहारNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 07:10 PM
कटिहार : कौड़ी के भाव उपयोग हो रही जिला परिषद की 25 सौ एकड़ जमीन

कटिहार। निज प्रतिनिधि

जिले में जिला परिषद की 25 सौ एकड़ कौड़ी की भाव में उपयोग हो रही है।खासकर शहरी क्षेत्र में जमीन पर कहीं अतिक्रमण कहीं निजी स्तर से निजी व्यक्तियों का धंधा चल रहा है। बंदोवस्ती के अभाव में कई जगहों पर अतिक्रमणकारियों का दबदबा कायम है कार्रवाई के नाम पर विभागीय अधिकारियों के मौन रहने से पिछले दो माह से राजस्व का अता पता नहीं है। जिप के कई कर्मियों द्वारा नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया गया कि पूर्व में व्यवस्था इस तरह की नही थी।

जिले से बंदोवस्ती के माध्यम से जलकरों, हाट समेत अन्य मद से सात से आठ लाख रुपये की आय होती थी। शहरी क्षेत्रों से एक से दो लाख तक की आय केवल बनाये गये दुकानों से होती थी। पिछले दो माह से राजस्व के मद में कितना आया है और कितना शेष है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि नाजिर के सेवानिवृति के बाद से कोई सूचना नहीं होने से विभाग के पदाधिकारियों में भी असमंस्य की स्थिति है। मालूम हो कि बाटा चौक के दोनों किनारे सौ दो सौ मीटर की दूरी तक जिप की जमीन हैं। हरदयाल चौक स्थित आशुतोष पार्क समेत कई कटरों का निर्माण किया गया है। दुर्गास्थान से केबी झा कॉलेज जानेवाली सड़क के दोनों किनारे जिप की जमीन है। जहां अतिक्रमणकारियों का शिकार है। जिसके कारण जिप को राजस्व पर बट्टा लगने के सामान है।

17-18 से नहीं हुई जिप की जमीन की बंदोबस्ती : दुर्गास्थान से केबी झा कॉलेज जानेवाली सड़क के दोनों किनारे खाली पड़े जमीन पर अतिक्रमणकारियो का कब्जा है। जहां खाली है वह भी प्रतिदिन शिकार हो रहा है। इस्लामियां हाईस्कूल के आगे दायं साइड निवासी प्रो रायबहादुर सिंह का कहना है कि वर्ष 17-18 तक जिप द्वारा पट्टा पर उन्हें दिया गया था। जिसके एवज में वे प्रति वर्ष पन्द्रह सौ रुपये की राशि जमा करते थे। 2018 के बाद से उनके सामने की जमीन की बंदोवस्ती नही किये जाने से एक तरफ जहां राजस्व का चूना लग रहा है दूसरी ओर अतिक्रमणकारियों का कब्जा दिनानुदिन बढ़ता जा रहा है। जबकि इसके लिए वे लगातार जिला परिषद कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद थक गये हैं।

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