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कंचनजंघा ट्रेन हादसा: एनजेपी में सीसीआरएस की जांच पूरी,अब लखनऊ की बारी

कटिहार, एक संवाददाता । न्यू जलपाईगुड़ी में चल रही सीसीआरएस जनक कुमार गर्ग की...

कंचनजंघा ट्रेन हादसा: एनजेपी में सीसीआरएस की जांच पूरी,अब लखनऊ की बारी
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हिन्दुस्तान टीम,कटिहारSun, 23 Jun 2024 11:00 PM
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कटिहार, एक संवाददाता । न्यू जलपाईगुड़ी में चल रही सीसीआरएस जनक कुमार गर्ग की कटिहार रेल मंडल के रंगापानी स्टेशन के समीप कंचनजंघा ट्रेन हादसे की जांच पूरी हो गई। अब लखनऊ की जांच बारी है। रेल सूत्रों के अनुसार सीसीआरएस द्वारा जिन रेलवे के वरीय व कनीय अधिकारी और रेल कर्मियों को जांच में दोषी पाया जायेगा। उन लोगों को लखनऊ बुलाकर एक विशेष जांच टीम पूछताछ करेगी। अभी जांच का कार्य पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।
100 से अधिक रेलकर्मियों से सीसीआरएस ने की पूछताछ

मालूम हो कि सीसीआरएस जांच एनजेपी के एडीआरएम कार्यालय में पिछले चार दिनों तक करीब 100 से अधिक रेल अधिकारी व कर्मियों से पूछताछ की है। सीसीआरएस के पूछताछ में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के वरीय पदाधिकारी से लेकर कटिहार रेल मंडल के गेटमेन शामिल रहे। इसके अलावा रेलवे के परिचालन विभाग, संरक्षा विभाग, अभियंत्रण विभाग, बिजली विभाग, सिंगनल और टेलीकल विभाग के अलावा जरूरत के अनुसार सीआरएस ने कई विभाग के अधिकारियों व रेल कर्मियों से पूछताछ किया है।

कई रेल अधिकारी व रेल कर्मी जांच के चपेट में

रेल सूत्रों की माने तो पूछताछ के तेवर को देखने से प्रतीत हो रहा है कि कंचनजंघा रेल हादसा में वरीय रेल अधिकारी से लेकर चतुर्थकर्मी रेल अधिकारी भी जांच अधिकारी के चपेट में आ सकते हैं। इन लोगों के खिलाफ न केवल कानूनी बल्कि विभागीय कार्रवाई भी होने की संभावना प्रबल है। सूत्रों का मानना है कि जांच रिपोर्ट के अनुसार रेल मंत्रालय और रेल बोर्ड जल्द कार्रवाई को लेकर कोई बड़ी कार्रवाई करने को लेकर फैसला ले सकता है। कटिहार रेल मंडल के रेल कर्मियों में चर्चा कि आदेश जारी होते ही कई रेल अधिकारियों का तबादला या निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। इधर जांच के क्रम में रेल कर्मियों और अधिकारियों दोनों का दोष सामने आया है। हालांकि इस बात की पुष्टि जांच रिपोर्ट के आधार पर रेलवे बोर्ड का एक्शन का पत्र जारी होने तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

इन बिंदुओं पर भी जांच होने की हो रही है चर्चा

सूत्रों की माने तो जांच अधिकारियों ने कंचनजंघा को पीछे से मालगाड़ी द्वारा भीषण टक्कर मारने के पीछे कई बिंदुओं पर जांच की है। जांच के क्रम में यह भी चर्चा उठी है कि क्या कटिहार रेल मंडल के सभी गार्ड और चालक को रेलवे की ओर से वॉकीटॉकी दिया गया है। क्या घटना में शामिल मालट्रेन के गार्ड और चालक को वॉकीटॉकी दिया गया था या नहीं। इस बात की भी जांच की गई कि क्या ऑटोमेटिक सिंगनल सिस्टम लगाने के बाद प्राथमिकता के आधार पर ट्रेन के चालक, उप चालक, ट्रैन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर, सिंगनल और टेलीकम के कर्मियों के अलावा ट्रेनों के परिचालन में सहयोग करने वाले रेलवे के अन्य विभाग के कर्मियों को वरीय अधिकारियों द्वारा समुचित तरीके से प्रशिक्षण दिया गया था नहीं। क्या माल ट्रेन के चालक, उप चालक के बीच लाल सिंगनल रहने की सूचना का आदान-प्रदान हुई थी या नहीं। क्या स्टेशन मास्टर द्वारा लाल सिंगनल को पार करने के लिए अनुमति पत्र माल ट्रेन के गार्ड या चालक को दिया गया था नहीं।

कंचनजंघा ट्रेन के चालक और गार्ड ने क्यों रोक दी थी ट्रेन

जांच के क्रम में यह भी जानने का प्रयास किया गया है कि आखिर रंगापानी स्टेशन को पास करने के बाद ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हुई कि कंचनजंघा के गार्ड और चालक व उपचालक ने टे्रन को रोक दिया गया। इसके अलावा कई बिंदुओं पर जांच हुई है। जिसके कारण इस ट्रेन हादसा के पीछे तकनीकी के साथ-साथ मानवीय भूल को मानते हुए कई रेल अधिकारियों और कर्मियों पर गाज गिरना करीब-करीब तय माना जा रहा है।

माल ट्रेन के उप चालक मोनू का बयान खोल सकता है हादसा का राज

रेल अधिकारी का मानना है कि हादसे में जख्मी हुए माल ट्रेन के उप चालक मोनू कुमार का बयान हादसा का राज खोल सकता है। वर्तमान में उप चालक नॉर्थ बंगाल के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बाद उसे रेफर कर दिया गया है। उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। अभी तक उप चालक मोनू से डीआरएम सहित कई रेल अधिकारी व कर्मी अस्पताल पहुंच कर उसका हालचाल जानने का प्रयास किया है। मगर वह कुछ बोलता नहीं है। सूत्रों की माने तो उप चालक के स्वास्थ्य व जख्मी के बारे में बताया गया कि वह सामान्य रूप से जख्मी हुआ है। उसका स्वास्थ्य ठीक है। मगर वह अभी आईसीयू में भर्ती है। रेल अधिकारियों की एक टीम और रेलवे व सिविल क्षेत्र के सुरक्षा विभाग की टीम भी मोनू की निगरानी कर रहे हैं। संभावना है कि माल ट्रेन के उप चालक को लखनऊ बुलाकर सीसीआरएस और जांच टीम उससे विशेष पूछताछ कर सकती है। इसके बाद ही हादसा का राज खुल सकता है।

क्या हुई थी घटना

17 जून को कटिहार रेल मंडल के रंगापानी स्टेशन के समीप पहले से खड़ी कंचनजंघा एक्सपे्रस टे्रन को पीछे से माल ट्रेन से भीषण टक्कर मार दिया था। इससे कंचनजंघा के चार और माल ट्रेन के पांच बोगी क्षतिग्रस्त हो गया था। इस हादसे में माल ट्रेन के चालक, कंचनजंघा एक्सप्रेस के गार्ड सहित 10 रेल यात्रियों की मौत हो गई थी और 43 यात्रियों में 10 गंभीर और 33 सामान्य रुप से जख्मी हो गये थे।

वर्जन

कंचनजंघा ट्रेन हादसा की जांच एनजेपी में चल रही थी। वह समाप्त हो गई है। मगर अभी अन्य जांच जारी रहेगी। जांच पूर्ण होने के बाद ही रेलवे बोर्ड से जांच रिपोर्ट और कार्रवाई के आदेश के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।

धीरज चंद्र कालिता, सीनियर डीसीएम कटिहार।

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