Katihar News: 20 मॉडल स्कूलों में जाकर हर सप्ताह कक्षा लेंगे अधिकारी, रखेंगें नजर
Katihar News: 20 मॉडल स्कूलों में जाकर हर सप्ताह कक्षा लेंगे अधिकारी, रखेंगें नजर 20 मॉडल स्कूलों में जाकर हर सप्ताह कक्षा लेंगे अधिकारी, रखेंगें नजर20 मॉडल स्कूलों

Katihar News: कटिहार, वरीय संवाददाता। जिले के 20 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) अब केवल प्रधानाध्यापकों के भरोसे नहीं चलेंगे। स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने अनूठी पहल करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मॉडल स्कूलों से जोड़ दिया है। ये अधिकारी हर सप्ताह विद्यालय पहुंचकर स्वयं कक्षाएं लेंगे, पढ़ाई की गुणवत्ता पर नजर रखेंगे और स्मार्ट क्लास, लैब तथा अन्य सुविधाओं के उपयोग की समीक्षा करेंगे। मंगलवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में सभी 20 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों की बैठक में इसका विस्तृत खाका तैयार किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जुलाई 2026 में राज्यभर में 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का लोकार्पण ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, विज्ञान एवं कंप्यूटर की आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, अनुभवी शिक्षकों द्वारा शिक्षण, कमजोर विद्यार्थियों के लिए रिमेडियल क्लास और करियर काउंसिलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब इन संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विद्यालयों से संबद्ध किया गया है।
प्रमुख निर्देश
डीएम ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में नियमित रूप से पेरेंट्स-टीचर मीटिंग (पीटीएम) आयोजित की जाए। पढ़ाई के साथ खेलकूद को भी प्रतिदिन की समय-सारिणी का हिस्सा बनाया जाए। प्रत्येक शनिवार साप्ताहिक परीक्षा आयोजित करने और पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने का भी निर्देश दिया गया।
हर सप्ताह स्कूल पहुंचेंगे अधिकारी, खुद पढ़ाएंगे छात्र
जिला प्रशासन की नई व्यवस्था के तहत नामित अधिकारी प्रत्येक सप्ताह अपने आवंटित मॉडल स्कूल में कम से कम एक और आवश्यकता अनुसार दो या अधिक कक्षाओं का संचालन स्वयं करेंगे। अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार विषय का चयन कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे तथा स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से रिमेडियल कक्षाओं की निगरानी और सहयोग भी करेंगे।
पढ़ाई से लेकर लैब और उपस्थिति तक होगी निगरानी
संबद्ध अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालयों में पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, शिक्षक आधुनिक शिक्षण पद्धति अपनाएं और स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब व विज्ञान प्रयोगशालाओं का नियमित उपयोग हो। साथ ही छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने के लिए प्रधानाध्यापक के साथ मिलकर रणनीति तैयार करेंगे। शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, पठन-पाठन, मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता की भी नियमित समीक्षा होगी।
हर सप्ताह डीईओ को भेजनी होगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी नामित अधिकारी अपने निरीक्षण और अध्यापन की विस्तृत रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह निरीक्षण पंजी के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी इन रिपोर्टों का संकलन कर जिला पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर की जा सके।
इच्छुक अधिकारी भी पढ़ा सकेंगे बच्चों को
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि जिले का कोई अन्य अधिकारी छात्रहित में अध्यापन कार्य करना चाहता है तो वह अपनी रुचि के अनुसार विद्यालय और विषय का चयन कर पढ़ाने की जिम्मेदारी ले सकता है। इसकी सूचना जिला पदाधिकारी को देनी होगी।


