झमाझम बारिश से मिली राहत, अब उमस करेगी बेहाल
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कटिहार, वरीय संवाददाता गुरुवार की अहले सुबह शुरू हुई झमाझम बारिश ने जिले को भीषण गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन शहर से लेकर गांव तक जलजमाव की समस्या भी खड़ी कर दी। सुबह से करीब 11 बजे तक हुई लगातार बारिश के कारण जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। निचले इलाकों में जलभराव होने से पैदल राहगीरों और बाइक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इस बारिश ने खेतों में नमी बढ़ाकर धान रोपनी की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे जरूर खिला दिए हैं। शहर के कई मोहल्लों और बाजार क्षेत्रों में सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित रहा। कार्यालय, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को जलजमाव के बीच रास्ता तय करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्ची सड़कों पर फिसलन बढ़ने से लोगों को कठिनाई हुई। कई जगहों पर जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खुलती नजर आई।
तापमान की जानकारी
34 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक पंकज कुमार ने बताया कि जिले में मानसून पूर्व मौसम गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को आसमान में 90 फीसदी बादल छाया रहा और देर रात तक जिले के विभिन्न भागों में 17 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि 9-18 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सें पुरवा हवा चली। उन्होंने बताया कि आगामी 15 जून तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान में 70 से 80 प्रतिशत तक बादल छाए रहेंगे।
भविष्यवाणियों के अनुसार बारिश
आज 14 एमएम तक हो सकती है बारिश
पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी और करीब 14 मिलीमीटर वर्षा होने की संभावना है। 13 से 15 जून तक भी रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। हालांकि बारिश के बावजूद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और पारा 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को बारिश के साथ उमस भरी गर्मी का भी सामना करना पड़ेगा।
कृषि पर प्रभाव
धान की नर्सरी और रोपनी की तैयारी के लिए है मौसम अनुकूल
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान मौसम धान की नर्सरी और रोपनी की तैयारी के लिए अनुकूल है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। हालांकि अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होगा। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बादलों की सक्रियता बने रहने का संकेत दिया है। ऐसे में जिलेवासियों को कहीं राहत देने वाली बारिश तो कहीं पसीना छुड़ाने वाली उमस, दोनों का मिश्रित असर झेलना पड़ सकता है।
सामान्य प्रश्न
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