DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › कटिहार › स्वास्थ्य विभाग: सफाई के नाम पर 10 करोड़ से अधिक का टेंडर घोटाला
कटिहार

स्वास्थ्य विभाग: सफाई के नाम पर 10 करोड़ से अधिक का टेंडर घोटाला

हिन्दुस्तान टीम,कटिहारPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 05:21 AM
स्वास्थ्य विभाग: सफाई के नाम पर 10 करोड़ से अधिक का टेंडर घोटाला

कटिहार | एक संवाददाता

स्वास्थ्य विभाग में सफाई के नाम पर टैंडर को मैनेज करके 10 करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला किया गया है। इस काला खेल का काला बादल छाए देख विभागीय स्तर पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम को पटना तलब कर किया गया। बड़ी कार्रवाई में विभाग जुट गया है। विपक्षी पार्टियों ने इसको टेंडर घोटाला से जोड़कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

जिले के सदर सहित रेफरल, अनुमंडल, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सफाई पर स्वास्थ्य विभाग 2012 से 9 अक्टूबर 2020 तक 13 रुपए प्रति फीट की दर से खर्च कर रहा था। इस दर से स्वास्थ्य विभाग को एक माह में अधिकतम 20 लाख रुपए खर्च करना पड़ता था लेकिन 10 अक्टूबर 2020 से लेकर 9 जून 2021 तक उसी टेंडर को 63.63 रुपए की दर से कर दिया गया। इस दर से स्वास्थ्य विभाग को प्रति माह 1.25 करोड़ यानी आठ माह तक करीब 10 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान करना पड़ा। हालांकि डीएम ने बाद में टेंडर को रद्द करके पुराने रेट पर किया है। उधर, इस घोटाले को लेकर राजद और कांग्रेस ने सवाल उठाया है । इस एक्सेस मनी के खर्च के लिए कौन जिम्मेदार है। विपक्ष तत्कालीन स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम, तत्कालीन डीएम और सिविल सर्जन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा घोटाले की बात कहते हुए कार्रवाई करने की मांग की है। मैनेज टेंडर के खिलाफ पूर्व के कार्य एजेंसी के सहयोगी द्वारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर कोर्ट ने विभाग के अधिकारियों को 50 हजार रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया था।

मामले की हो सीबीआई जांच: राजद युवा के प्रदेश महासचिव आशु पांडेय ने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा मनमाने तरीके से मैनेज टेंडर निकाला गया है। इस टेंडर घोटाले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व केंद्रीय मंत्री तारिक अनवर ने कहा कि जिला अस्पताल अंतर्गत जो आउटसोर्सिंग के लिए जो टेंडर हुआ उसमें एक बड़ा अंतर है। एक्सेस मनी को जिम्मेदार अधिकारियों से वसूली होनी चाहिए।

संबंधित खबरें