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मिली छूट, डीआरसीसी से अब अभ्यर्थी नहीं लौटेंगे

मिली छूट, डीआरसीसी से अब अभ्यर्थी नहीं लौटेंगे

संक्षेप:

कटिहार में इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब अभ्यर्थियों को अनावश्यक कागजातों के बिना सहायता मिलेगी। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बैंक पासबुक और ऑफर लेटर जैसे दस्तावेजों के बिना भी आवेदन को अस्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे युवाओं में जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।

Nov 27, 2025 12:43 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कटिहार
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कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। इंटर्नशिप योजना के तहत मिलने वाली चार से छह हजार रुपये की वित्तीय सहायता के लिए अब जिले के अभ्यर्थियों को अनावश्यक कागजातों के कारण डीआरसीसी से लौटना नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सत्यापन चरण में बैंक पासबुक, ऑफर लेटर या ऐसे अन्य दस्तावेजों के अभाव में किसी भी आवेदन को न तो अस्वीकार किया जाएगा और न ही वापस किया जाएगा। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह बड़ा कदम माना जा रहा है। पिछले सप्ताह जिले में मात्र तीन दर्जन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जिससे यह स्पष्ट है कि जागरूकता की कमी और कागजातों की जटिलता के कारण युवा आवेदन करने से हिचक रहे थे।

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अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पोर्टल पर मार्कशीट अपलोड करना भी अनिवार्य नहीं है। अभ्यर्थी अपनी शैक्षिक योग्यता के किसी भी एक या अधिक प्रमाणपत्र (मैट्रिक, इंटर, स्नातक या स्नातकोत्तर) को अपलोड कर सकते हैं। सत्यापन के समय डीआरसीसी अधिकारी मूल प्रमाणपत्र देखकर अंकों और साख की पुष्टि करेंगे। निवास प्रमाणपत्र के बारे में भी स्पष्ट निर्देश निवास प्रमाणपत्र के बारे में भी स्पष्ट निर्देश जारी हुए हैं। यह बिहार सरकार के मानक के अनुरूप होना चाहिए और जारी होने की तिथि से एक वर्ष तक वैध होता है। इसके अतिरिक्त किसी भी असंगत दस्तावेज़ की मांग कर आवेदन को रद्द करने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सीएम प्रतिज्ञा पोर्टल पर सत्यापन बकेट में किसी अभ्यर्थी का विवरण आते ही डीआरसीसी तीन दिनों के भीतर उसे दस्तावेज़ सत्यापन के लिए बुलाए। देरी होने पर प्रत्यक्ष रूप से अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। बोले डीआरसीसी प्रबंधक डीआरसीसी जिला प्रबंधक अमरजीत कुमार ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी योग्य अभ्यर्थी को इंटर्नशिप सहायता से वंचित न रहना पड़े। इसलिए पासबुक, ऑफर लेटर या अतिरिक्त दस्तावेजों को अनिवार्य नहीं रखा गया है। प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और पारदर्शी बनाया गया है। हम अधिक से अधिक 18 से 28 वर्ष के युवा अभ्यर्थियों को इसका लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाएंगे और समयबद्ध सत्यापन सुनिश्चित करेंगे। कुल मिलाकर, डीआरसीसी में दस्तावेज़ी छूट और स्पष्ट दिशानिर्देशों के बाद कटिहार जिले में इस योजना का लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।