Katihar News: बाढ़ से पशु चारे का संकट, विभाग कह रहा आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगा वितरण
Katihar News: बाढ़ से पशु चारे का संकट, विभाग कह रहा आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगा वितरण बाढ़ से पशु चारे का संकट, विभाग कह रहा आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगा वितरणब

Katihar News: कटिहार, निज प्रतिनिधि। नदियों के जलस्तर में उतार चढ़ाव के बीच जिले में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। कुरसेला, बरारी व अमदाबाद प्रखंड में दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है। चारों ओर बाढ़ के पानी का फैलाव होने से पशुपालकों के समक्ष पशुचारा का संकट भी गहराने लगा है।
बाढ़ से प्रभावित लोग
गांव व घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से प्रभावित गांवों के लोग अपने परिवार व मवेशियों के साथ उंचे स्थानों, बांध व सड़क किनारे शरण लेने को विवश हो रहे हैं। चारों ओर बाढ़ का पानी होने के कारण चारे की किल्लत होने लगी है। पशुपालकों ने बताया कि प्रशासनिक स्तर से अब तक पशु चारा को लेकर किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गई है। गुहाल में रखा सूखा भूसा से किसी तरह कुछ दिन काम चलाया गया। अब वह भी खत्म होने पर है। हरे चारे के लिए नाव से पानी पार कर दूर दराज से पशुओं के लिए चारा लाना पड़ता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
उधर पशुपालन विभाग का कहना है प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के बाद ही पशुपालकों को विभागीय स्तर से चारा उपलब्ध कराया जाएगा। बिना आधिकारिक घोषणा होने तक विभाग अपने स्तर से पशुचारा का वितरण नहीं कर सकता है। बीमार मवेशियों के उपचार तथा पशु स्वास्थ्य देखभाल को लेकर पशु चिकित्सक लगातार अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में आठ दर्जन से अधिक बीमार मवेशियों का इलाज किया गया है। वहीं बाढ़ के पानी का प्रवेश गांवों में होने से दर्जनों परिवार उंचे स्थान पर शरण लिए हुए हैं।
शरण स्थल की स्थिति
बरारी प्रखंड के मोहनाचांदपुर पंचायत के ही दो हजार से अधिक लोग रिंग बांध सहित अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। वहीं कुरसेला प्रखंड के गोबराही दियारा के भी दर्जनों परिवार उंचे स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं। बांध व सड़क किनारे शरण लिए लोगों को पेयजल की समस्या का सामना भी करना पड़ रहा है। हलांकि पंचायत स्तर से चापाकल लगाया गया है लेकिन एक-दो चापाकल पर ही सैकड़ों बाढ़ प्रभावित लोगों को निर्भर होना पड़ रहा है। राशन सहित रोजमर्रा के जरूरत के सामान के लिए भी प्रभावित परिवारों को मशक्कत करनी पड़ रही है। प्रभावित इलाकों में नाव ही आवागमन का सहारा है।
प्रशासनिक उपाय
एडीएम आपदा प्रबंधन फिरोज अख्तर ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से कुछ गांवों में पानी का फैलाव हुआ है। जिन गांवों या इसके आस-पास पानी का फैलाव हुआ है वहां की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया है। पेयजल को लेकर प्रशासनिक स्तर से चापाकल भी लगाए जाने का निर्देश दिया गया है। कुछ गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया था। अब पानी निकलने भी लगा है। आवागमन की सुविधा के लिए प्रशासनिक स्तर से बरारी के मोहनाचांदपुर व कुरसेला के प्रभावित इलाकों में नाव का परिचालन किया जा रहा है।


