ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहार कटिहारफाइल नंबर पांच -- सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया ऑपरेशन थिएटर

फाइल नंबर पांच -- सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया ऑपरेशन थिएटर

सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया ऑपरेशन थिएटर सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया ऑपरेशन थिएटर सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया...

फाइल नंबर पांच -- सदर अस्पताल के नए भवन में नाम का रह गया ऑपरेशन थिएटर
हिन्दुस्तान टीम,कटिहारSun, 03 Dec 2023 01:00 AM
ऐप पर पढ़ें

कटिहार, एक संवाददाता
सदर अस्पताल के नए भवन में ऑपरेशन थियेटर नाम का रह गया है। जिला पदाधिकारी और पूर्व मुख्य मंत्री द्वारा पुराना अस्पताल को शिफ्ट किये एक माह से अधिक समय होने को है। मगर हालात पुराना अस्पताल वाला ही है। पुराना अस्पताल में भी जनरल सर्जरी का काम ठप था। नए भवन में भी ऑपरेशन थियेटर में केवल भवन है। मगर आज तक एक भी ऑपरेशन का कार्य नहीं हो पाया है।

ऑपरेशन नहीं होने से औसतन हर दिन तीन से चार ऑपरेशन लायक रोगी को सदर अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है। गंभीर रूप से जख्मी रोगियों का ऑपरेशन करने के लिए माइनर और मेजर ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था नए भवन में किया गया है। मगर सभी सुविधा बेकार पड़ा है।

इमरजेंसी ओटी भी पड़ा हुआ है खाली

सदर अस्पताल का इमरजेंसी सेवा नाम का रह गया है। भले ही भवन, बैठने और कार्य करने की सुविधाओं का विस्तार हुआ है। मगर रोगियों के इलाज की सुविधा अपगे्रड नहीं हो पाया है। सरकार द्वारा लाखों रूपये खर्च कर इमरजेंसी रोगियों को ऑपरेशन कर के इलाज करने के लिए आपातकालीन ओटी की व्यवस्था किया गया है। मगर एक माह होने के बाद भी अब तक वह खाली पड़ा हुआ है। केवल बाहर से ओटी लगता है। मगर अंदर में केवल एक ऑपरेशन करने वाला टेबल रखा हुआ है। इस कारण से सड़क हादसा या मारपीट में गंभीर हुए जख्मी का मेजर या माइनर ऑपरेशन नहीं हो पाता है।

तीन सर्जन पर पांच लाख से अधिक खर्च मगर रोगी को लाभ नहीं

सरकारी कागज में सदर अस्पताल में तीन जनरल सर्जन, 1 ऑर्थोपेडिक सर्जन, कार्यरत हैं। जनरल सर्जन डॉ. प्रभाकर कृष्णा 16 अप्रैल 2021 से अनुपस्थित है। जनरल सर्जन डॉ. सानंद प्रेम 8 अगस्त 2023 से, जनरल सर्जन डॉ. सोमेन झा 14 अगस्त 2023 से ईएल पर है। वहीं ऑथोपेडिक्स सर्जन डॉ. राजीव कमार 23 अक्टूबर 2023 को त्याग पत्र दे दिया था। मगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे स्वीकृत नहीं किया गया है। विभागीय सूत्र के अनुसार अवकाश पर गये चिकित्सकों का वेतन मिलना जारी है। यानि सरकार अवकाश पर रह रहे चिकित्सकों पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। मगर इन चिकित्सकों का लाभ आम रोगियों को नहीं मिल रहा है।

केवल प्रसूता का दिन में होता है सिजेरियन प्रसव

एमसीएच प्रसूताओं के बेहतर इलाज के लिए एक अलग स्वास्थ्य संस्थान है। एमसीएच में पांच अलग-अलग प्रकार का ऑपरेशन थियेटर है। जिसमें दिन के समय ही सिजेरियन प्रसव कराया जाता है। रात के समय कोई चिकित्सक सिजेरियन प्रसव कराने के लिए तैयार नहीं होते हैं। इससे रोगियों को रेफर होने के अलावा कोई उपाय नहीं होता है।

वर्जन

सदर अस्पताल में एक भी जनरल सर्जन नहीं है। तीन जनरल सर्जन कार्यरत हैं। जिसमें एक अनुपस्थित और दो ईएल पर हैं। इस कारण से ऑपरेशन का कार्य नहीं हो पा रहा है। आवश्यकता के अनुसार ऑपरेशन किया जाता है। सर्जन की मांग स्वास्थ्य विभाग से की गई है।

डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह

सिविल सर्जन, कटिहार

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें