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19 अक्तूबर, 2020|3:34|IST

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कोरोना पर आस्था भारी, शक्तिधामों में उमड़े श्रद्धालु

कोरोना पर आस्था भारी, शक्तिधामों में उमड़े श्रद्धालु

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा के द्वितीय स्वरुप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना के साथ अनुष्ठान किया गया। इस दौरान कोरोना पर आस्था भारी पड़ा। व्याधियों एवं संकटों से परिक्षेत्र को दूर करने की कामना एवं जगत कल्याण की भावना से ओतप्रोत होकर इस बार शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य पर मां दुर्गा की आराधना जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंडों के शक्तिधामों में की जा रही है। सनद रहे कि कोरोना को लेकर आपदा विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी किया गया है। जिसके कारण पूजा समिति के सदस्यों द्वारा इसका अनुपालन किया जा रहा है।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजन विधि व महत्ता को बताते हुए एजी बाजार के वैष्णवी मंदिर के आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि रविवार 18 अक्टूबर शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है। आश्विन माह के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि पर देवी दुर्गा के दूसरे स्वरुप की पूजा आराधना की जाती है। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बांये हाथ में कमंडल रहता है। अपने पूर्व जन्म में जब ये हिमालय के घर में पुत्री रुप में उत्पन्न हुई थी तब देवर्षि नारद के उपदेश से इन्होंने देवाधिदेव भगवान शंकर को पति रुप में प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की। इस दुष्कर तपस्या के कारण इन्हें तपस्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया। बताया जाता है कि एक हजार वर्ष उन्होंने केवल फल, मूल खाकर व्यतीत किए और सौ वर्षों तक केवल शाक पर निर्वाह किया। कुछ दिनों तक कठिन उपवास रखते हुए देवी ने आकाश के नीचे वर्षा एवं धूप के भयानक कष्ट सहे। कई हजार वर्षों की इस कठिन तपस्या के कारण ब्रह्मचारिणी देवी का शरीर एकदम क्षीण हो गया।

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  • Web Title:Faith heavy on Corona devotees gathered in Shakthamadha