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3 दिसंबर, 2020|6:48|IST

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सदर अस्पताल से दर्जनों मरीज बिना इलाज के लौटे घर

सदर अस्पताल से दर्जनों मरीज बिना इलाज के लौटे घर

1 / 2सदर अस्पताल में शनिवार को इलाज कराने के लिए आए दर्जनों मरीज बिना जांच व इलाज कराए घर लौट गए, वहीं कई को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना...

सदर अस्पताल से दर्जनों मरीज बिना इलाज के लौटे घर

2 / 2सदर अस्पताल में शनिवार को इलाज कराने के लिए आए दर्जनों मरीज बिना जांच व इलाज कराए घर लौट गए, वहीं कई को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना...

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सदर अस्पताल में शनिवार को इलाज कराने के लिए आए दर्जनों मरीज बिना जांच व इलाज कराए घर लौट गए, वहीं कई को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।

ओपीडी व्यवस्था बेपटरी रही। दो से तीन ओपीडी कक्ष में करीब एक घंटे तक डॉक्टर नदारत थे।इससे सम्बंधित रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक नंबर कक्ष में डॉ. सत्यदेव विंकर, दंत ओपीडी में डॉ. अनिल कुमार में समय पर पहुंच गये। महिला ओपीडी में सुबह के पौने नौ बजे तक डॉक्टर नहीं आई। स्कीन और बच्चा ओपीडी के डॉक्टर भी विलंब से पहुंचे।

इस कारण से एक नंबर के डॉक्टर के ही कुछ देर लिए अन्य ओपीडी के रोगियों को इलाज करना पड़ा। ड्राइवर टोला से पहुंचे सुदर्शन साह ने बताया कि उन्होंने हार्ट का बाइपास सर्जरी कराया था। पिछले कुछ दिनों से कंधा में दर्द हो रहा है। डॉक्टर की सलाह पर फिजियो थेरेपी करना जरूरी है। फिजियोथेरेपी कराने पहुंचे तो कहा गया कि पहले चार नंबर ओपीडी में चिकित्सक से लिखवा कर लाईए। यहां पर सुबह 10:37 में पहुंचे हैं तो ओपीडी में चार नंबर कक्ष में चिकित्सक की कुर्सी खाली है। कोई देखने वाला नहीं है। जाफरगंज से अपने बच्ची साना खातून के परिजन ने कहा कि इसे कुत्ता काट लिया है। दिखाने पहुंचे हैं लेकिन डॉक्टर साहब नहीं हैं। इस बीच एक स्वास्थ्य कर्मी वहां पहुंचे उन्होंने एक नंबर में बैठे डॉक्टर के पास ले जाकर इलाज करवाकर इंजेक्शन कक्ष में भेजवा दिया।

कोढ़ा से पहुंचे तपेश ने कहा कि डॉक्टर ने समय पर इलाज कर दिया है लेकिन एक घंटा से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भटक रहे हैं। अल्ट्रासाउंड का कक्ष खुला हुआ है लेकिन जांच कराने वाला कोई डॉक्टर नहीं है। करीब आधा घंटे तक खड़ा होने पर जब डीएस कार्यालय पहुंचे तो उनका कक्ष खाली था। वहां पर बैठे अस्पताल प्रबंधक ने किसी को फोन करते हुए कहा कि दस मिनट बैठिए । दस मिनट कौन कहे पंद्रह मिनट तक जांच करने वाले डॉक्टर का इंतजार किए लेकिन 11 बजे तक जांच नही हो सका। थक हार कर शिकायत को लेकर सिविल सर्जन के पास पहुंचे।

सीएस से की शिकायत: सीएस से एक घंटे से जांच के लिए भटकते रहने की बात कही। पहले तो सीएस ने उनकी शिकायत सुनी फिर डीएस के पास जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ओपीडी का स्थान बदला है। इसलिए थोड़ी परेशानी हो रही है। थोड़ी देर रूक जाइए जांच हो जाएगा। हालांकि सीएस के इस बात से रोगी खुश नजर नहीं आए और आक्रोश जताते हुए कहा कि जब जांच नहीं होताीहै तो जांच घर क्यों खुला हुआ है। जांच करने का निर्धारित समय लिखकर एक बोर्ड लगाने की सलाह देते हुए जांच के लिए डॉक्टर के आने का इंतजार करने के लिए चले गये। मालूम हो कि ओपीडी कक्ष के खुलने का समय आठ बजे है लेकिन आठ बजे तक ओपीडी का कई कक्ष खुलता नहीं है। एक दो डॉक्टर ठीक आठ बजे ओपीडी में पहुंच जाते हैं लेकिन सर्जिकल, स्कीन, महिला और चाइल्ड ओपीडी में चिकित्सक साढ़े आठ से नौ बजे बाद ही आते हैं। स्कीन के डॉक्टर कभी-कभी साढ़े नौ से 10 बजे तक आते हैं। इसकी शिकायत डीएस भी सीएस से कर चुके हैं। दो बार स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। इसके बावजूद भी डॉक्टर समय पर नहीं आ रहे हैं।

कुछ डॉक्टरों को चुनाव प्रेक्षक द्वारा बुलाया गया था : सिविल सर्जन डॉ. डीएन पांडेय ने बताया कि ओपीडी में सभी डॉक्टर सुबह 8:25 तक पहुंच गये थे। शनिवार को कुछ डॉक्टरों को चुनाव प्रेक्षक द्वारा बुलाया गया था। सर्जिकल ओपीडी के डॉक्टर इमरजेंसी केस आने पर देखने चले गये थे। महिला ओपीडी के डॉक्टर प्रसव वार्ड में रोगी को देखने चली गई थी। इसलिए कुछ देर के लिए ओपीडी में डॉक्टर का कक्ष कुछ देर के लिए खाली हो गया था। उन्होंने कहा कि एक ही डॉक्टर प्रसव व्यवस्था, ओपीडी व्यवस्था के साथ बाहरी कार्य के लिए काम करते हैं। थोड़ी बहुत परेशानी होगी। मरीजों को परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाता है।

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  • Web Title:Dozens of patients returned home without treatment from Sadar Hospital