अब मोबाइल एप से होगी खेतों की निगरानी, शुरू होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे
अब मोबाइल एप से होगी खेतों की निगरानी, शुरू होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे अब मोबाइल एप से होगी खेतों की निगरानी, शुरू होगा डिजिटल क्रॉप सर्वेअब मोबाइल एप से

कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कटिहार जिले में गरमा फसल 2026 के डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर कृषि विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। 13 मई बुधवार से जिले में खेत-खेत जाकर फसलों का डिजिटल सर्वे शुरू किया जाएगा। इस बार पहली बार बड़े पैमाने पर जीपीएस आधारित मैपिंग तकनीक और मोबाइल एप के जरिए फसल का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। कृषि विभाग का मानना है कि इससे खेती का सटीक डाटा तैयार होगा और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।
सर्वेयरों को भूखंड आवंटन
कृषि निदेशालय पटना के निर्देश पर जिले में सर्वेयरों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 13 मई से शुरू होने वाला यह अभियान 6 जून तक चलेगा। इस दौरान खेत की लोकेशन, फसल का प्रकार, रकबा और किसान से जुड़ी जानकारियां ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी।
महत्वपूर्ण कदम
जिला कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे भविष्य की कृषि योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इससे फसल उत्पादन और खेती के वास्तविक रकबे का सटीक आंकड़ा तैयार होगा। साथ ही किसानों को फसल बीमा, अनुदान और आपदा राहत योजनाओं का लाभ देने में पारदर्शिता आएगी।
जीपीएस आधारित मैपिंग तकनीक
उन्होंने बताया कि सर्वे में जीपीएस आधारित मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसी भी खेत की वास्तविक स्थिति ऑनलाइन दर्ज हो सकेगी। सर्वे के दौरान खेत में लगी फसल की तस्वीर और लोकेशन सीधे पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इससे फर्जी आंकड़ों पर रोक लगेगी और वास्तविक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान होगा।
किसानों को मिलेगा फायदा
कृषि विभाग के अनुसार डिजिटल सर्वे से किसानों को कई स्तर पर फायदा मिलेगा। फसल बीमा योजना में दावा करना आसान होगा। प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को त्वरित मुआवजा देने में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि ऋण, राहत पैकेज और सरकारी सब्सिडी योजनाओं में भी पारदर्शिता आएगी।
भविष्य की योजनाएं
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे से तैयार डाटा भविष्य में फसल विविधीकरण और उत्पादन वृद्धि की योजनाएं बनाने में भी उपयोगी साबित होगा। जिले की कृषि व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रोत्साहन राशि की जानकारी
कृषि निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन भूखंडों में गरमा फसल नहीं होगी या जो भूमि गैर-कृषि उपयोग में पाई जाएगी, उस पर किसी प्रकार की प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी। वहीं पर्यवेक्षकों को प्रति सत्यापित भूखंड के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
मॉनिटरिंग प्रक्रिया
जिले में शुरू होने वाले इस अभियान को लेकर कृषि विभाग के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। मुख्यालय स्तर की टीम भी समय-समय पर निरीक्षण और रैंडम जांच करेगी, ताकि सर्वे कार्य पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ तय समय सीमा में पूरा हो सके।
सामान्य प्रश्न
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