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देवशिल्पी बाबा विश्वकर्मा पूजा कल, तैयारी में जुटे लोग

हिन्दुस्तान टीम,कटिहारPublished By: Newswrap
Thu, 16 Sep 2021 06:30 AM
देवशिल्पी बाबा विश्वकर्मा पूजा कल, तैयारी में जुटे लोग

कटिहार | हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

देवशिल्पी बाबा विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार के नाम से जाना जाता है। हर साल कन्या संक्रान्ति के दिन 17 सितम्बर को विश्वकर्मा पूजा के उपलक्ष्य पर उद्योगों, फैक्ट्रियों में मशीनों की पूजा अर्चना की जाती है। इसबार सवार्थ सिद्धि योग में भगवान विश्वकर्मा की पूजा का योग बन रहा है।

आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा ने ही देवताओं के लिए अस्त्रों, शस्त्रों, भवनों और मंदिरों का निर्माण किया था। साथ ही उन्होंने सृष्टि की रचना में भगवान ब्रंाा की सहायता की थी। इसी कारण शास्त्रों में इन्हें निर्माण व सृजन का देव कहा गया है। स्वर्ग लोक, द्वारिका, सुदर्शन चक्र, महादेव का त्रिशूल आदि अस्त्र-शस्त्र उन्होंने ही बनाए। कहा जाता है कि स्वर्ण नगरी लंका, हस्तिनापुर, इंद्रप्रस्थ, बाबा वैद्यनाथधाम मंदिर व जगन्नाथ पुरी मंदिर का निर्माण विश्वकर्मा ने ही किया था। विश्वकर्मा पूजा को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गया है।शहर के न्यू मार्केट, मंगलबाजार, फलप।ी के अलावा मिरचाईबाड़ी के विभिन्न मार्गो में दुकानें सजायी गई है। वाहनों के मालिकों, संचालकों के अलावा चालकों एवं इस इस व्यवसाय से जुड़े मोटर गैराजों के संचालकों में अभी से उत्साह देखा जा रहा है। रामकृष्ण मिशन रोड स्थित मूर्तिकारों द्वारा बाबा विश्वकर्मा की प्रतिमा को अंतिम रुप दिया जा रहा है।

विश्वकर्मा पूजन का शुभ मुहूर्त: आचार्य अंजनी ने बताया कि 17 सितम्बर शुक्रवार को सुबह 6:07 बजे से 18 सितम्बर शनिवार को 3:36 बजे तक पूजन का मुहूर्त है। केवल राहूकाल के समय पूजा निषिद्ध मानी गई है। 17 सितम्बर को राहूकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। बाकीं समय पूजा के योग्य रहेगा।

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