बच्चों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए

बच्चों को ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए

संक्षेप:

कटिहार जिला पुलिस द्वारा स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में छात्रों को साइबर ठगी, लोन ऑफर, और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने डिजिटल क्राइम के खतरों से छात्रों और अभिभावकों को अवगत कराया। अभियान का उद्देश्य दिसंबर के अंत तक बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करना है।

Dec 13, 2025 12:26 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कटिहार
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कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। फर्जी मैसेज, लोन ऑफर, लिंक और ओटीपी ठगी के बढ़ते मामलों के बीच कटिहार जिला पुलिस द्वारा स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें के संदेश के साथ शुक्रवार को गांधी उच्च विद्यालय, न्यू कॉलोनी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि डीएसपी राम कृष्ण, पुलिस इंस्पेक्टर बिमल कुमार मंडल, आरक्षी निरीक्षक आनंद कुमार, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार, संगीत शिक्षिका कंचन प्रिया, शिक्षक सुमन सहित अन्य शिक्षकों ने संयुक्त रूप से इसे शुरू किया। छात्राओं ने स्वागतम स्वागतम गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया।

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डीएसपी राम कृष्ण ने छात्रों को आगाह किया कि अगर कोई अचानक लोन, गिफ्ट, या इनाम वाला मैसेज भेजे, तो समझिए यह साइबर ठगी है। ऐसे किसी लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए डेटा चोरी कर बैंक खाते तक साफ कर देते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर बिमल कुमार ने बच्चों को समझाया कि डिजिटल क्राइम चरम पर है, इसलिए जो भी लिंक संदिग्ध लगे, उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी अनजान कॉलर को ओटीपी या बैंक विवरण न बताएं। दूसरे सत्र में प्लस टू उच्च विद्यालय प्रभात भवन में शिक्षकों और अभिभावकों की बैठक हुई। साइबर साक्षरता पर विस्तृत चर्चा करते हुए डीएसपी ने कहा कि बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी जरूरी है, ताकि वे गलत ऐप, गेम और ठगी का शिकार न बनें। प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, पासवर्ड सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग से बचने के उपाय बताए। जागरूकता अभियान का लक्ष्य दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक जिले के सभी प्रमुख विद्यालयों में साइबर सुरक्षा के प्रति बच्चों और अभिभावकों को प्रशिक्षित करना है, ताकि एक क्लिक वाली ठगी से भविष्य सुरक्षित रखा जा सके।