तापमान 12 डिग्री के नीचे, शुष्क हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
तापमान 12 डिग्री के नीचे, शुष्क हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन तापमान 12 डिग्री के नीचे, शुष्क हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन तापमान 12 डिग्री के नीचे, शुष्क हवाओं ने बढ़ा

कटिहार, वरीय संवाददाता जिले में ठंड ने इस बार समय से पहले अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन उत्तर-पश्चिम से आती शुष्क और तेज हवाओं ने शाम ढलते ही पारा 12 डिग्री तक पहुंचा दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक पंकज कुमार के अनुसार, अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे ठिठुरन और बढ़ेगी। सुबह के समय सड़कों पर कोहरे की चादर दिखने लगी है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और यातायात पर भी असर पड़ रहा है। बाजारों में छाई सर्दी, गर्म कपड़ों की दुकानों पर बढ़ी भीड़ सर्द हवाओं का असर बाजारों में साफ दिख रहा है।
सुबह ग्राहक कम निकल रहे हैं, जबकि शाम को व्यापारी दुकानें जल्दी बंद कर दे रहे हैं। वहीं गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। स्वेटर, जैकेट, मफलर और टोपी की बिक्री में अचानक तेजी आई है। चाय-नाश्ता की दुकानों पर भी सुबह और शाम की भीड़ बढ़ गई है, जहां लोग गर्माहट पाने पहुंच रहे हैं। स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ीं, पाली बदलने पर विचार कटिहार में सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर दिख रहा है। सुबह की पहली पाली में पढ़ने वाले बच्चे ठंडी हवाओं में कांपते पहुंच रहे हैं। कई स्कूलों में बच्चे टोपी, दस्ताने और मोटे स्वेटर पहनकर जा रहे हैं, फिर भी तेज हवा उन्हें परेशान कर रही है। अभिभावकों का कहना है कि सुबह 7 से 9 बजे के बीच ठंड सबसे अधिक तीखी महसूस होती है। कुछ निजी स्कूलों ने पाली बदलने पर विचार शुरू कर दिया है, जबकि सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी बच्चों के लिए ठंड से बचाव की अतिरिक्त व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों और मजदूरों की दिनचर्या पटरी से उतरी ठंडी हवा और कोहरे के कारण कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों की दिनचर्या प्रभावित होने लगी है। कई विभागों में उपस्थिति समय में मामूली देरी दर्ज की गई है। फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। निर्माण, सड़क और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को सुबह काम शुरू करना कठिन लग रहा है, जिससे आमदनी पर भी असर पड़ रहा है। किसानों की चिंता बढ़ी, फसलों पर पाला पड़ने का खतरा रात व सुबह के तापमान में लगातार गिरावट से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं, मटर और सब्जियों की फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बना हुआ है। किसान बताते हैं कि तेज हवाओं के साथ ठंड बढ़ने से फसल को नुकसान की आशंका रहती है। दिन में हल्की धूप राहत देती है, लेकिन शाम होते ही फिर बर्फीली हवा चलने लगती है, जिससे खेतों में देर तक काम करना मुश्किल हो रहा है।
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