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23 नवंबर, 2020|3:17|IST

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पर्व के बाद बाजारों की रौनक घटी

पर्व के बाद बाजारों की रौनक घटी

दीपावली व छठपर्व के समापन के बाद जिला मुख्यालयों से लेकर प्रखंडों के बाजारों में इन दिनों मंदी का दौर चल रहा है। लगातार विजया दशमी सहित अन्य त्यौहारों के अलावा विधानसभा चुनाव के दौरान बाजारों में काफी चहल पहल का माहौल रहा। इसके बावजूद कोरोना संकट की वजह से शहर व ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदारों को लगभग चार माह तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बावजूद वैश्विक महामारी पर आस्था का पलड़ा भारी रहा।

इस दौरान आम लोगों ने अपनी हैसियत के अनुसार खरीददारी भी किया। लेकिन शनिवार को उदयीमान भगवान भास्कर को अर्ध्य दिये जाने के बाद आम घरों में पूजा का प्रसाद वितरण और अपने सम्बन्धियों की विदाई में लगे रहे। शनिवार का दिन किस तरह बीत गया यह आम लोगों को पता ही नहीं चला। रविवार को सरकारी अवकाश रहने के कारण एक तो बाजार में चहल पहल नहीं के बराबर रहा। वहीं पर्व की समाप्ति के बाद शहर की अधिकांश दुकानें तो खुली लेकिन उसके यहां खरीददारों की आवाजाही बहुत कम रही। अधिकांश दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में टकटकी लगा रहे थे।

जबकि कुछ दुकानों में स्टाफ की भी कमी देखी गई। शहर के सबसे व्यस्ततम सड़क एमजी रोड व मंगल बाजार के मुख्य सड़कों पर वीरानी छायी रही। बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की संख्या नगन्य रही। अब सभी दुकानदारों को दिसम्बर माह में आनेवाले शुभ विवाह के लग्न पर ही टिकी हुई है। ताकि बाजार को आर्थिक मंदी की दौर से उबारा जा सके। दुकानदारों ने कहा कि कोरोना के कारण बिक्री काफी घट गई थी। दीपावली और छठ पर्व पर थोड़ी बिक्री बढ़ी।

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  • Web Title:Brightness of markets after festival