Katihar News: जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रही मद्य निषेध अवर निरीक्षक परीक्षा
Katihar News: जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रही मद्य निषेध अवर निरीक्षक परीक्षा जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रही मद्य निषेध अवर निरीक्षक परीक्ष

Katihar News: कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक (मद्य निषेध) के 78 पदों पर नियुक्ति के लिए रविवार को जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर प्रारंभिक लिखित प्रतियोगिता परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले में कुल 3960 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 2118 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 1842 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। किसी भी केंद्र से निष्कासन (एक्सपेल) का एक भी मामला सामने नहीं आया।
परीक्षा आयोजन का समय
परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई। आयोग के निर्देशानुसार सुबह 10:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। निर्धारित समय से पहले ही सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सघन तलाशी ली गई।
सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाने के लिए इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रही। प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट की गोपनीय सामग्री का वितरण आयोग के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया गया तथा परीक्षा कोड का मिलान करने के बाद ही प्रश्नपत्र खोले गए।
तकनीकी निगरानी
तकनीकी निगरानी भी पूरे समय सक्रिय रही। आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक केंद्र पर हर 15 मिनट पर सीसीटीवी कैमरों और जैमर की कार्यशीलता की जांच की गई। इसके लिए विशेष वीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड तैयार किया। किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन और आयोग को सूचना देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी।
परीक्षा केंद्र
जिले में एमबीटीए इस्लामिया उच्च माध्यमिक विद्यालय, आदर्श उच्च विद्यालय, उमा देवी मिश्रा बालिका प्लस-टू विद्यालय, राजकीय उच्च विद्यालय शरीफगंज, हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय, बीएमपी-7 प्लस-टू उच्च विद्यालय, गांधी उच्च विद्यालय, महेश्वरी एकेडमी, मारवाड़ी पाठशाला तथा राजकीयकृत उच्च विद्यालय सहित कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और उड़नदस्ता दल तैनात रहे।
प्रशासन की प्राथमिकताएं
परीक्षा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 प्रभावी रही। केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, कोचिंग संचालकों और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रशासन की विशेष नजर रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी बनाए रखी।
जिला शिक्षा पदाधिकारी राहुल चन्द्र चौधरी ने बताया कि आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया गया। सभी केंद्रों पर गोपनीयता, सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या में वीक्षक, दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रश्नपत्र वितरण से लेकर परीक्षा संचालन तक प्रत्येक चरण की सतत निगरानी की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराना थी, जिसमें जिला प्रशासन पूरी तरह सफल रहा।


