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एडीएम की अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित

लिपिक से कुकर्म करने के आरोपी एडीएम जफर रकीब की अग्रिम जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश चन्द्रशेखर झा की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत में फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। संभावना है कि गुरुवार को अदालत फैसला सुनायेगी। एडीएम जफर रकीब की ओर से अग्रिम जमानत की अर्जी पर दलील अधिवक्ता सह जिला विधिक संघ के सचिव विजय कुमार झा, कैशर इमाम व शंकर सिंह ने पेश किया। जिला जज श्री झा ने अदालत के प्रथम पाली में बचाव पक्ष की घंटे भर चली बहस के बाद उसे मध्यांतर के बाद पुन: अर्जी सुनवाई के लिए निर्धारित की। अधिवक्ता विजय कुमार झा ने बताया कि आरोपी एडीएम जफर रकीब को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। मुकदमा दर्ज करने से लेकर लिपिक द्वारा अदालत में बयान देने में बिलम्ब हुआ है।

वहीं प्राथमिकी में घटना की तिथि आदि का न होना साजिश की पुष्टि करता है। अधिवक्ता ने दलील दी कि जफर रकीब जिले में कई पदों पर रह चुके हैं। कभी विभागीय स्तर पर किसी कर्मचारी ने कोई आरोप उन पर नहीं लगाये है। उन्होंने कहा कि मुकदमा के पहलू से ही स्पष्ट हो रहा है कि मधुमेह की बीमारी से पीड़ित 58 वर्षीय जफर रकीब बगैर कोई पूर्व मंशा के एक वयस्क को कैसे गिरफ्त में कर सकते हैं।

अधिवक्ता ने अदालत में बहस के दौरान सभी तत्वों को रखा है। अब फैसले का इंतजार है। जिला लोक अभियोजक शंभु प्रसाद ने अदालत में बहस के दौरान पीड़ित लिपिक की अदालत में धारा 164 दंड प्रक्रिया के तहत दिये गये बयान का हवाला देते हुए जमानत अर्जी का विरोध किया। जिला जज श्री झा ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा।

अब इस मामले में फैसला गुरुवार को आने की उम्मीद जतायी जा रही है। अदालत में एडीएम की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई के दौरान उनकी पत्नी, पुत्र व परिवार के अन्य लोग मौजूद थे। अब अदालत के फैसले पर लोगों की निगाहें टिकी है। बुधवार को अदालत परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर वकीलों में चर्चा होती रही। कोई एडीएम पर लगे आरोप को सत्य बता रहा था तो कोई इस मुद्दे षडयंत्र कह रहा है। लोगों में तरह-तरह की चर्चा की जा रही थी।

पुलिस को भी कोर्ट से नहीं मिला गिरफ्तारी वारंट : एडीएम की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट से वारंट जारी करने का आदेश मांगा था। लेकिन कोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई नहीं की। हलांकि पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कहा पुलिस के पास लिपिक द्वारा लगाये गये आरोप के पक्ष में जो भी अबतक साक्ष्य मिले सभी एडीएम के खिलाफ है। पुलिस को पुख्ता साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार करने के लिए सरकारी आवास पर टीम को भेजी गयी थी। हलांकि एडीएम को गिरफ्तार किया जाएगा।

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  • Web Title:ADM's anticipatory bail application on reserved