
JMM का महागठबंधन को झटका, अकेले लड़ेगी बिहार चुनाव; बताया कितनी सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी। झामुमो ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, उन पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर हो रही माथापच्ची के बीच इसके एक घटक दल झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने स्वतंत्र रूप से चुनाव में उतरने की घोषणा कर दी है। पड़ोसी राज्य झारखंड की सत्ताधारी पार्टी के महासचिव ने बताया कि वह राज्य की छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी। इस दौरान पार्टी ने चकाई, धमदाहा, कटोरिया (सुरक्षित), मनिहारी (सुरक्षित), जमुई और पीरपैंती विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ‘पार्टी ने बिहार चुनाव अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है। वह छह विधानसभा सीट चकाई, धमदाहा, कटोरिया (सुरक्षित), मनिहारी (सुरक्षित), जमुई और पीरपैंती पर चुनाव लड़ेगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमने पिछले 10 सालों से वहां काम किया है और संघर्ष किया है। अपने कार्यकर्ताओं की इच्छाओं और आशीर्वाद का सम्मान करते हुए, हम यह चुनाव अपने दम पर लड़ रहे हैं।’
'हमें धोखा मिला, आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं'
अकेले लड़ने के पार्टी के फैसले के बारे में रांची में एएनआई से बात करते हुए झामुमो नेता मनोज पांडे ने कहा, ‘इंतजार की भी इंतेहा हो गई, हम लोगों ने पूरी सब्र का परिचय दिया, पटना में हमारी बात हुई थी, उन्होंने हमें आश्वासन दिया था कि वह हमें हमारी क्षमता के अनुरूप सीटें देंगे। लेकिन अंततः हमें धोखा मिला। अब बहुत देर हो चुकी है, हम अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं कर सकते। कहीं ना कहीं गठबंधन में गांठ पड़ने की शुरुआत हो गई है।’
आगे उन्होंने कहा, 'झारखंड चुनाव में उन्हें (RJD को) छह सीटें और मंत्री पद देने के बाद भी अगर हमारे साथ इस तरह का व्यवहार होता है तो यह दुखद है, दुर्भाग्यपूर्ण है। हम पूरी क्षमता और ताकत के साथ बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल छह सीटों पर लड़ने का फैसला हुआ है, यह सीटें और भी बढ़ सकती हैं। चुनाव के बाद गठबंधन की समीक्षा भी की जा सकती है।'
एक दिन पहले शुक्रवार को झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को उन सीटों के बारे में सूचित कर दिया है, जिन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बिहार में चुनाव लड़ने को इच्छुक है। जबकि आज शनिवार को पार्टी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव में उतरने की घोषणा कर दी।
12 अक्टूबर को दिया था अल्टीमेटम
इससे करीब हफ्ते भर पहले झामुमो महासचिव ने बड़ा अल्टीमेटम देते हुए 12 सीटों पर अपना दावा किया था। उन्होंने कहा था कि बिहार के महागठबंधन नेताओं को 15 तक सारी चीजों को सामान्य कर देना चाहिए। 15 अक्तूबर को झामुमो केंद्रीय समिति की बैठक प्रस्तावित है। चुनाव में पार्टी को सम्मानजनक समझौते के तहत जो भी सीटें मिलेंगी, उस पर वह लड़ेगी। इसके साथ ही भट्टाचार्य ने कहा था कि हमने झारखंड विधानसभा चुनाव में राजद को 5% सीटें दी थीं। ऐसे में झामुमो को भी 243 का 5% यानी 12 सीटें मिलनी चाहिए। झामुमो नेता ने कहा था कि स्वतंत्र राजनीतिक दल होने के नाते पार्टी हाथ बांधकर खड़ी नहीं है।
उधर एक अन्य घटनाक्रम में गठबंधन के एक अन्य घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 20 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी, जिसमें पार्टी के सभी 12 मौजूदा विधायकों को टिकट दिए गए हैं। पार्टी ने उन सीट पर नए चेहरे उतारे हैं, जिन पर वह 2020 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल नहीं कर पाई थी। पिछले विधानसभा चुनावों में इस वाम दल ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा था और इनमें से 12 पर जीत हासिल की थी।
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी। झामुमो ने जिन छह सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, उन पर दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होगा।





