तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की जेल, NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के बाद हुए थे अरेस्ट
JJD सुप्रीमो तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के बाद पटना पुलिस ने उन्हें अरेस्ट किया था। तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल भेजा गया है। उनपर धारा 307 यानी हत्या की कोशिश के तहत केस दर्ज किया गया है।

NEET पेपर लीक मामले में प्रदर्शन के बाद आखिरकार जनशक्ति जनता दल सुप्रीमो तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। तेजप्रताप यादव को देर रात मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया है। तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद वकील जगन्नाथ सिंह ने कहा कि अभी तक हमें कोई सूचना नहीं मिली है। हमें सिर्फ गिरफ्तारी मेमो दिया गया है। हमें एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है। तेजप्रताप यादव पर धारा 109 और 307 (हत्या की कोशिश) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। गांधी मैदान थाने में यह केस दर्ज किया गया है।
दरअसल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को बिहार बंद के दौरान 13 जिलों में भारी उपद्रव हुआ। उधर, पटना पुलिस ने देर रात पूर्व मंत्री और जेजेडी प्रमुख तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों को हिंसा के लिए भड़काने का आरोप है।
गांधी मैदान पुलिस ने तेजप्रताप को दोपहर में हिरासत में लिया था। स्थिति बिगड़ने की आशंका पर उन्हें थोड़ी देर के बाद छोड़ दिया। शाम में सिटी सेंटर मॉल घूमने निकले तेजप्रताप को पुलिस दोबारा पकड़ दीघा थाने ले गई। फिर उन्हें नौबतपुर थाने में देर रात तक बैठाये रखा गया। थानेदार अखिलेश मिश्रा ने बताया कि पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद अब उन्हें जेल भेज दिया गया है।
भीड़ ने पुलिस पर बरसाए ईंट-पत्थर
इससे पहले नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान पटना में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। जगह-जगह बेरिकेड लगा रोके जाने पर भड़के प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए। गश्ती गाड़ी पलट दी। झड़प में कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल हुए हैं। छात्र संगठन आइसा और आरवाईए ने बिहार बंद का आह्वान किया था। बंद का राजद, वीआईपी और वामदलों समेत महागठबंधन के तमाम दलों ने समर्थन दिया। प्रदर्शनकारी पटना की सड़कों पर सुबह दस बजे से जुटने लगे।
दोपहर डेढ़ बजे के बाद जेपी गंगा पथ की ओर से करीब दो हजार छात्र-छात्राएं गांधी मैदान के पास इकट्ठे हो गए और नारेबाजी करते हुए बढ़े। रामगुलाम चौक के पास से पुलिस ने रोका तो झड़प हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भड़के छात्र ईंट-पत्थर चलने लगे। इस पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद छात्र एक्जीबिशन रोड की ओर बढ़ गए। वहां खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस दौरान आसपास की दुकानें बंद कर दी गईं। गांधी मैदान, फ्रेजर रोड और एक्जीबिशन रोड में यातायात प्रभावित रहा।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा डाकबंगला चौराहा
जेपी गोलंबर, फ्रेजर रोड, बांकीपुर और छज्जूबाग में भी छात्र सड़क पर उतरे। डाकबंगला चौराहा शनिवार को दिनभर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। विभिन्न रास्तों से गांधी मैदान की ओर बढ़ रहे हजारों छात्र-छात्राओं को रोकने की कोशिश की गई। इस दौरान कई जगहों पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने ईंट-पत्थर भी चलाए, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों को स्टेशन की तरफ भेज दिया। इस दौरान आसपास की दुकानें बंद रहीं।
राजद विधायक हिरासत में
नीट पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठनों के शनिवार को हुए बिहार बंद को लेकर पुलिस मुख्यालय पूरे दिन अलर्ट रहा। पटना में 209 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।। राजद के विधायक गौतम कृष्णा समेत 60 को हिरासत में लिया गया। 209 नामजद और 2200 अज्ञाज पर केस दर्ज किया गया है।
मुख्यालय के स्तर पर घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग की गयी। छात्रों के हंगामा व प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने राज्य भर से 423 लोगों को ऐहतियातन हिरासत में लिया। मुख्यालय स्तर पर गठित कंट्रोल रूम से हर एक-दो घंटे पर जिला पुलिस से रिपोर्ट तलब की गयी। सीवान सहित कुछ जिलों में हंगामे को देखते हुए आस पास के जिलों से अतिरिक्त फोर्स को लगाया गया है। सभी जिलों से रिपोर्ट भी तलब की गई है।


