बहुत देर कर दी हुजूर... कांग्रेस-राजद के गठबंधन टूटने की अकटलों पर बोले जीतनराम मांझी
राजद-कांग्रेस गठबंधन टूटने की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कांग्रेस के फैसले को देर से लिया गया सही कदम बताया। दिल्ली बैठक में अधिकांश कांग्रेस विधायक राजद से दूरी के पक्ष में दिखे। हालांकि गठबंधन पर अंतिम फैसला नहीं हुआ, संगठनात्मक बदलाव और समन्वय समिति पर सहमति बनी।
लालू यादव की आरजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन टूटने की अटकलों के बीच एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसी पार्टी (राजद) के साथ गठबंधन किया था, जिनसे यहां कुछ लोगों को छोड़कर सब लोग घृणा करते हैं। इसलिए कांग्रेस भी घृणा का पात्र बन गई थी। अगर कांग्रेस ने ये निर्णय लिया है तो बहुत सही निर्णय लिया है।
जीतनराम मांझी ने कहा कि अगर कांग्रेस और राहुल गांधी को राजद से गठबंधन तोड़ने का विचार आ रहा है, तो मैं तो इतना ही कहूंगा कि बहुत देर कर दी हुजूर आते-आते। लेकिन देर में भले ही निर्णय लिए हैं, लेकिन दुरुस्त फैसला लिया है।
आपको बता दें बीते शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी बैठक हुई थी। जिसमें पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद-कांग्रेस के संबंधों को असहज और घातक बताया। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विधायक राजद के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं दिखे। हालांकि पार्टी के एक-दो पुराने नेता गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में हैं। पार्टी के विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद लंबे समय से राजद से संबंध तोड़ने की मांग करते रहे हैं। इससे पहले भी दोनों दल एक दूसरे पर बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार का ठीकरा फोड़ते रहे हैं।
वहीं बिहार कांग्रेस में टूट की अटकलों पर भी विराम लग गया है। हालांकि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश नेतृत्व में बदलाव के लिए सर्च कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट पर जून के बाद इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। बैठक में ज्यादातर विधायक और नेताओं ने गठबंधन से हटने की वकालत की। हालांकि इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। बैठक में राहुल गांधी ने सभी 6 विधायकों से पहली बार मुलाकात की। विधायकों की टूट की अफवाहों को सिरे से नकार दिया। इस बैठक में संगठन और विधायकों के बीच समन्वय के लिए एक समन्वय कमेटी के गठन पर सहमति बनी।





