जिला पार्षद पति की हत्या पर बवाल; भीड़ ने आरोपी का घर फूंका, इंस्पेक्टर का फटा सिर, कई पुलिस गाड़ियां डैमेज
सीतामढ़ी में जिला पार्षद के पति वैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। शराब कारोबार का विरोध करने पर हत्या की बात बताई जा रही है। लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया और आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया।

बिहार के सीतामढ़ी में शनिवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। करीब आठ गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के विरोध में आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया जिसमें एक इंस्पेक्टर का सिर फट गया। पुलिस की कई गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की गई। शराब कारोबारी के खिलाफ शिकायत और थाने पर प्रदर्शन के बाद हुई हत्या भड़के लोगों ने एक आरोपी का घर फूंक दिया। पुलिस पर पुलिस पर शराब माफिया से मिलीभगत का आरोप लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने एसपी अमित रंजन की एक नहीं सुनी।
बैद्यनाथ महतो जिला परिषद के वार्ड संख्या 13 की सदस्य दिलखुश देवी के पति थे। शनिवार की सुबह वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे तभी बाइक सवार चार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करके उन्हें भून दिया। डूमरा थाना क्षेत्र के केथरिया-रामपट्टी चौक के पास पथरिया श्मशान के निकट इस वारदात को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद इलाके में तनाव फैल गया। आक्रोशित लोगों ने हत्या के आरोपी बताए जा रहे गांव के ही त्रिभुवन कुशवाहा उर्फ एजाज के घर में आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 12 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी और एसडीएम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया, जिसमें इंस्पेक्टर अनिल राम के सिर में चोट लगी। दो दरोगा को भी ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति नियंत्रित करने में जुटी है।
शराब धंधे का विरोध को लेकर विवाद का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, त्रिभुवन कुशवाहा उर्फ एजाज गांव में शराब की सप्लाई करता था। बैद्यनाथ महतो इसका विरोध करते थे और उसे धंधे बंद करने की हिदायत देते थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब धंधे का विरोध करने के कारण ही बैद्यनाथ महतो को निशाना बनाया गया।
14 दिन पहले भी हुई थी फायरिंग
बताया गया कि 28 अगस्त को भी बैद्यनाथ महतो पर फायरिंग हुई थी। इस मामले में डुमरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि पहली घटना के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला परिषद से जुड़े लोगों ने चार दिन पूर्व डुमरा थाना का घेराव भी किया था।
इलाके में भारी तनाव
ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की घटनाओं में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने हत्या के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की छानबीन के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


