
गिरिराज के 'मुसलमान नमक हराम' बयान को JDU ने सही ठहराया; बोले- राजनीतिक मजदूरी तो चाहिए
नीरज कुमार ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री ने भाषाई संदर्भ में ऐसा कहा है। इसका तो हर किसी को अधिकार है कि वह अपनी बात रखने के लिए किन शब्दों का इस्तेमाल करे।
Bihar Politics: केंद्रीय कपड़ा मंत्री के मुसलमान नमकहराम वाले बयान पर मचे सियासी बवाल के बीच जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार की प्रतिक्रिया आई है। जदयू नेता ने कहा है कि गिरिराज सिंह ने भाषाई तौर पर ऐसा कहा है। जब नरेंद्र मोदी की योजना का लाभ ले रहे हैं तो राजनैतिक मजदूरी तो चाहिए। इससे पहले जेडीयू के नेता मनीष कुमार ने गिरिराज सिंह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीख लेने की नसीहत दिया था।

जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री के बयान को पूरी तरह से सुना है। उन्होंने भाषाई संदर्भ में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसका तो हर किसी को अधिकार है कि वह अपनी बात रखने के लिए किन शब्दों का इस्तेमाल करे। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार योजनाओं का लाभ दिलाने में धर्म या जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती। हर तबके के लोग प्रायोजित योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में राजनैतिक मजदूरी तो चाहिए। किसी संदर्भ में भाषा और शब्द का इस्तेमाल करने का हर किसी को अधिकार है।
गिरिराज सिंह ने एक सभा में भाषण के दौरान कहा कि केंद्र सरकार आयुष्मान, मुफ्त अनाज, खाता में रुपए, किसान सम्मान योजना का लाभ देती है। इसमें जाति या धर्म के आधार पर कोई पक्षपात नहीं किया जाता है। मुस्लिम समाज के लोग भी इन सभी योजनाओं का लाभ उठाते हैं। मोदी किसी को गाली भी नहीं देते हैं। पर मुसलमान समाज नरेंद्र मोदी को वोट नहीं देता है। ऐसे में जो उपकार नहीं मानता है उसको नमकहराम ही कहेंगे। गिरिराज सिंह के बयान पर चुनाव वाले बिहार में सियासत सुलग गई। गिरिराज सिंह पहले भी मुसलमानों को लेकर कई बार बड़े और विवादास्पद बयान दे चुके हैं। कहते हैं कि देश विभाजन के समय पूर्वजों से गलती हो गई। सभी मुसलमान पाकिस्तान चले गए होते तो आज देश में समस्या नहीं होती।



