बिहार में अब कोई खेला नहीं होगा; JDU ने पहली बार साफ कहा- आगे BJP को लीड करना है
Bihar BJP CM: बिहार में नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा और अटकलों पर पहली बार जेडीयू ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे एनडीए सरकार को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को ही लीड करना है।

Bihar BJP CM: बिहार में अब कोई राजनीतिक खेला नहीं होने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कद्दावर नेता और नीतीश के सबसे भरोसेमंद मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की तरफ से पहली बार साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लीड करना है। विजय कुमार चौधरी का यह बयान इस मायने में अहम है कि अभी तक यह किसी बड़े नेता ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि अगला सीएम किस दल का होगा।
नीतीश के राज्यसभा चुनाव लड़ने के फैसले के बाद से ही भाजपा से नया सीएम बनने की चर्चा चल रही है, लेकिन भाजपा या जदयू ने इस मसले पर दो टूक बयान नहीं दिया था। यही वजह है कि जदयू में कई नेता अब तक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम सीएम पद के लिए उछाल रहे हैं। चौधरी का बयान उन अटकलों का अंत है कि नीतीश के बाद जेडीयू से ही कोई सीएम बन सकता है।
नीतीश के इस्तीफे से कैबिनेट स्वतः भंग हो जाएगी- विजय चौधरी
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा- ‘राज्य में भाजपा बड़ी पार्टी है, लिहाजा लीड उन्हें ही लेना है। निर्णय उनका ही होगा। हम तो एनडीए के साथ हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वत: भंग हो जाएगी। ऐसे में नई सरकार का गठन किया जाएगा। शुभ मुहूर्त में अच्छा दिन देखकर यह काम होगा।’ बताते चलें कि अभी खरमास का महीना चल रहा है। 14 अप्रैल या उसके बाद कोई बढ़िया दिन और समय देखकर बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार के गठन की चर्चा चल रही है। बिहार में भाजपा दो दशक से गठबंधन के जरिए सत्ता में है, लेकिन भाजपा के किसी नेता को पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी।
विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अगले कदमों को लेकर मीडिया से सवालों का जवाब दिया। उन्होंने 9 अप्रैल को नीतीश के दिल्ली जाने की पुष्टि की। चौधरी ने कहा कि सीएम 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे। चौधरी ने कहा कि यह संवैधानिक बाध्यता है। उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि नीतीश का दिल्ली जाना बिहार को अच्छा नहीं लगा, लेकिन यह उनका निर्णय था, इसलिए हम बाध्य हैं।
मुख्यमंत्री के इस्तीफा से पहले कैबिनेट बैठक जरूरी नहीं- विजय चौधरी
विजय चौधरी ने मीडिया से यह भी कहा कि इस्तीफा से पहले कैबिनेट बैठक करना अनिवार्य नहीं है। उनके इस बयान से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सांसद की शपथ लेकर पटना लौटने के बाद नीतीश कुमार किसी भी दिन और किसी भी समय राजभवन को त्यागपत्र सौंप सकते हैं। गवर्नर स्थापित परंपरा के तहत अगली सरकार के गठन तक नीतीश को राज्य देखने कहेंगे। नई सरकार के गठन का दावा नीतीश के इस्तीफे के साथ-साथ या उसके बाद हो सकता है।
इस्तीफा और नई सरकार का दावा साथ-साथ या आगे-पीछे?
एक सूरत ये बनती है कि एनडीए विधायक दल का नया नेता पहले चुना जाए और नीतीश उन्हें साथ लेकर ही राजभवन जाएं। एक हाथ से नीतीश का इस्तीफा और दूसरे हाथ से नए सीएम के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा। दूसरी सूरत में नीतीश पहले इस्तीफा देकर लौट सकते हैं और बाद में नई सरकार के गठन का दावा पेश करने एनडीए का नया नेता राजभवन जाए। राज्यपाल के निमंत्रण के बाद नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण होगा।


