
मोकामा में बाहुबली अनंत सिंह ने गाड़ा झंडा, जेल में रहकर दूसरी बार जीते चुनाव
Anant singh: मोकामा विधानसभा सीट से जदयू प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह विजयी हो गए हैं। उन्होंने राजद प्रत्याशी वीणा को हराया। दुलारचंद हत्याकांड में नाम आने के बाद जेल में बंद अनंत सिंह बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे पहले जीतकर आए हैं।
Mokama seat: बिहार विधानसभा चुनाव की हॉट सीट मोकामा से एनडीए प्रत्याशी बाहुबली अनंत कुमार सिंह विजयी हो गए हैं। उन्होंने राजद प्रत्याशी वीणा को 28 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से मात दी है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद जेल में बंद जदयू प्रत्याशी मतगणना की शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थे। इस विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह का नाम इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि उन्होंने सबसे पहले ही चुनाव के लिए अपना पर्चा भर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने सीट और टिकट बंटने से पहले ही इस बात का ऐलान कर दिया था कि मोकामा से वह जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

प्रचार के दौरान जेल में बंद होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा थी कि बाहुबली अनंत सिंह चुनाव हार सकते हैं। लेकिन अपने विरोधियों को धूल चटाते हुए अनंत सिंह बिहार चुनाव में सबसे पहले विजयी बनकर सामने आए हैं।
बिहार की इस हॉट सीट पर बाहुबली अनंत सिंह का सामना बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा से था। यह राजद के टिकट पर और जन सुराज पार्टी से पियूष प्रियदर्शी मैदान में थे। हालांकि अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी इन दोनों को बड़े भारी अंतर से मात दी है। गौरतलब है कि मोकामा में पहले चरण के दौरान ही 6 नवंबर को वोटिंग हुई थी, इससे पहले ही अनंत सिंह को दुलार चंद यादव हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद कर दिया गया था। मोकामा विधानसभा सीट पर यह अनंत सिंह की छठवीं जीत है। इस पर एक बार उनकी पत्नी भी विधायक रह चुकी हैं।
बिहार विधान सभा चुनाव 2025 के नतीजे सामने आ रहे हैं। एनडीएन एक बार फिर से सत्ता में आता हुआ दिखाई दे रहा है। हालिया रुझानों के मुताबिक गठबंधन 198 सीटों पर आगे है, वहीं, दूसरी तरफ महागठबंधन है, जिसकी हालात ठीक नजर नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी तेजस्वी यादव अपनी सीट पर एक बड़े अंतर से पीछे चल रहे हैं, वहीं कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन भी एक राष्ट्रीय पार्टी के जैसा नहीं रहा है। इसके अलावा राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी किसी सीट पर अपना खाता खोलने में नाकाम रही है।



