हां मैं बेचारा हूं, सम्राट चौधरी के हाथ में बिहार को नहीं छोड़ सकता; प्रशांत किशोर का पलटवार

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प्रशांत किशोर ने कहा है कि सम्राट चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बेचारा कहलाने में कोई दिक्कत नहीं है।

Prashant Kishor Samrat Choudhary
प्रशांत किशोर और सम्राट चौधरी

जन सुराज पार्टी के नेता और बांकीपुर के विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेचारा वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है सम्राट चौधरी के हाथ में बिहार को नहीं छोड़ सकते। बिहार को बदलने के संकल्प के सामने कोई चारा नहीं है। इसलिए बेचारा कहलाने में कोई दिक्कत नहीं है। पिछले दिनों न्यूज एजेंसी के साथ इंटरव्यू में मुख्यमंत्री ने प्रशांत किशोर को बेचारा कहा था।

एमलएसी चुनाव की तैयारी को लेकर जन सुराज की बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बात की। इसी दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम तो बेचारे है हीं क्योंकि बिहार को छोड़कर जाने का कोई चारा हमारे पास नहीं है। मुख्यमंत्री ने ठीक ही कहा है। उन्हें किसी ने बेचारा शब्द का शाब्दिक अर्थ नहीं समझाया है। जिसके पास कोई चारा नहीं होता वही बेचारा कहलाता है। बिहार को सुधारने के संकल्प के अलावे कोई चारा नहीं है। हम सम्राट चौधरी जैसे लोगों के हाथ में बिहार को छोड़कर जा नहीं सकते। इस नजरिए से हम तो बेचारे है हीं।

पिछले दिनों न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीके को बेचारा बताया था। उन्होंने कहा था कि वह जो बोल रहे हैं, बोलने दीजिए। बेचारा है, जो करना है करने दीजिए। हम बिहार के लिए काम करने आए हैं, मेरे खिलाफ कुछ है तो कोर्ट में जाएं। कोर्ट तय कर देगा। मेरे खिलाफ लोग सुप्रीम कोर्ट तक लड़ते रहते हैं। मैं व्यक्तिगत राजनीति में विश्वास नहीं रखता।

बिहार में बाढ़ की भीषण समस्या के लिए प्रशांत किशोर ने सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि बीस सालों से एनडीए की सरकार पर है फिर भी हर साल बाढ़ से लाखों लोग तबाह होते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सत्ता में बैठे नेताओं और पदाधिकारियों के लिए बाढ़ कमाई का जरिया बनकर रह गया है। यहां बाढ़ से राहत दिलाने की हर योजना में गड़बड़ी की जाती है। यहां बांध बनाने में चोरी होती है, बांध टूट जाता है तो उसकी मरम्मति में चोरी, बाढ़ फैल जाता है तो राहत कार्य में चोरी। सरकार में बैठे लोग नहीं चाहते हैं कि राज्य में बाढ़ की समस्या खत्म हो। इसकी बानगी है कि जल संसाधन विभाग को जदयू ने कभी नहीं छोड़ा। लगातार यह विभाग जदयू के पास है। बाढ़ से निजात दिलाने के नाम पर सिर्फ फोटोग्राफी की पॉलिटिक्स होती है।

प्रशांत किशोर ने एक बार फिर शराबबंदी हटाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य के लिए नुकसानदेह और भ्रष्ट लोगों के कमाई का जरिया है। अगर फर्जी शराबबंदी का कानून नहीं हटा तो बिहार की हालत उड़ता पंजाब वाली हो जाएगी। गांव-गांव में सूखा नशा का प्रचलन काफी बढ़ा है। अगले 5 से 10 सालों में स्थिति और बिगड़ जाएगी। शराबबंदी सिर्फ पेपर पर लागू है। जमीन पर कहीं नहीं दिख रहा।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

Sudhir Kumar

टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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