238 सीटें हारने वाली जन सुराज लड़ेगी उपचुनाव, प्रशांत किशोर बोले- भाजपा को गढ़ में घुसकर हराएंगे
बिहार विधानसभा चुनाव में 238 सीटें लड़कर सभी हारने वाली जन सुराज पार्टी पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव लड़ेगी। प्रशांत किशोर ने भाजपा को गढ़ में घुसकर हराने का दावा किया है। पिछले चुनाव में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने बांकीपुर में जन सुराज प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी।

बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाली प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर दी है। पीके ने पटना की बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए ताल ठोक दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी और इसी साल इस पर उपचुनाव होगा। प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि जन सुराज मजबूती से उपचुनाव लड़ेंगे और भाजपा को उसके गढ़ में घुसकर हराएंगे। बता दें कि पिछले बिहार चुनाव में पीके की पार्टी ने 238 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे और सभी पर हार मिली थी।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को शिवहर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा को सीधी चुनौती सिर्फ उनकी पार्टी ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि इस सीट पर बीते 40-45 सालों से एक ही परिवार जीतता रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस को यहां कई बार हार का सामना करना पड़ा। जन सुराज पार्टी इस बार भाजपा को उसके गढ़ में घुसकर हराएगी।
नितिन 5, तो पिता नवीन 4 बार रहे विधायक
पटना की बांकीपुर सीट से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार 5 बार के विधायक रहे। 2008 के परिसीमन से पहले इस सीट का नाम पटना पश्चिम था। नितिन से पहले उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी लगातार 4 बार यहां से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसलिए बांकीपुर सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है।
नितिन नवीन के सामने जन सुराज प्रत्याशी की जब्त हो गई थी जमानत
2025 के विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने आरजेडी की रेखा कुमारी को 51 हजार वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में जन सुराज पार्टी ने वंदना कुमारी को प्रत्याशी बनाया था, जिन्हें महज 7717 वोट मिले थे। उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी। नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद बनने के बाद बीते मार्च में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। अब यहां उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग आगामी महीनों में उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा। नियमों के अनुसार खाली सीट पर 6 महीने में चुनाव कराने होते हैं।
भाजपा से कौन होगा प्रत्याशी?
अटकलें चल रही हैं कि भाजपा एमएलसी संजय मयूख को बांकीपुर उपचुनाव में प्रत्याशी बना सकती है। वह भाजपा के लो-प्रोफाइल नेता हैं और राष्ट्रीय मीडिया कॉओर्डिनेटर का पद संभाल रहे हैं। संजय मयूख का एमएलसी का कार्यकाल अगले महीने खत्म होने जा रहा है।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर चुनाव एवं उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। अगर भाजपा एमएलसी चुनाव में मयूख को प्रत्याशी नहीं बनाती है, तो उनके बांकीपुर से विधानसभा उपचुनाव लड़ने की अटकलों को और बल मिल जाएगा। हालांकि, भाजपा ने अभी बांकीपुर से प्रत्याशी पर फिलहाल कुछ भी फाइनल नहीं किया है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


