
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में जीविका दीदियों से अनुचित धन वसूली एवं अभद्र व्यवहार के संबंध में डीएम को आवेदन
झाझा में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका दीदियों ने डीएम को आवेदन भेजकर सीएम रीता देवी पर अनुचित धन वसूली और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। दीदियों से 100-200 रुपये वसूलने और 10,000...
झाझा । नगर संवाददाता मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में जीविका दीदियों से अनुचित धन वसूली एवं अभद्र व्यवहार के संबंध में डीएम को आवेदन भेजा गया है।समर्पित प्रतिवेदन में लिखा है: हम सभी जीविका दीदी झाझा प्रखंड के चायं पंचायत अंतर्गत लोगांय गांव की सदस्या हैं तथा मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत कार्यरत हैं। किंतु इस योजना से संबंधित सीएम रीता देवी द्वारा हमारे साथ अत्यंत अनुचित एवं अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। फॉर्म भरने के नाम पर सभी जीविका दीदियों से कथित रूप से 100 से 200 रूपये तक की राशि वसूली गई। इसके अतिरिक्त, जिन दीदियों के खाते में योजना अंतर्गत 10,000 रूपये की राशि आई है, उनसे सीएम रीता देवी द्वारा 2000 रूपये अतिरिक्त की मांग की जा रही है।

जो दीदियां यह राशि देने से इंकार करती हैं, उन्हें अगला किस्त नहीं मिलने की धमकी दी जाती है। विरोध करने वाली दीदियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग, पासबुक फाड़ देने की धमकी, और सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वहीं जो दीदियां उनकी बातों में सहयोग करती हैं, उनके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार कर उनके पक्ष में प्रस्तुत किया जाता है।जब इस संबंध में जांच टीम आई थी, तब सीएम रीता देवी ने शिकायत दर्ज करने वाली दीदियों को नहीं बुलाया, बल्कि अपने पक्ष के लोगों को बुलाकर झूठी सफाई प्रस्तुत की। वह प्राय: यह कहती हैं कि "हमारा कुछ कोई नहीं कर सकता, जहां जाना है चले जाओ, हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" ऐसा रवैया जीविका समूह की भावना के विपरीत है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।हम सभी दीदियों के पास वीडियो, ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग जैसे पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तुत किया जा सकता है। हम सभी जीविका दीदियां न्याय की मांग करते हुए निवेदन करती हैं कि सीएम रीता देवी को उनके पद से बर्खास्त किया जाए, ताकि भविष्य में कोई अन्य दीदी इस प्रकार के अन्याय एवं उत्पीड़न का शिकार न हो। आवेदन में जीविका दीदियां व स्थानीय ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वालों में मालती देवी उत्तरा देना सरिता कुमरी रीना देवों संजीदा खातुन करीना खातून समीना खातून सफिना खातुन रेहाना खातून सोनिया खातून यकीद प्रवीण हिरवा द माला देवी मीना देवी गीता देवी ज्योती कुमारी पुजा देवी किरिया देवी सरिता देवी समेत अन्य ने हस्ताक्षर किए हैं। इस संबंध में आरोपी सीएम रीता देवी से संपर्क का प्रयास विफल जने के कारण उनका मंतव्य नहीं लिया जा सका। इस संबंध में पूछे जाने पर जीविका के डीपीएम संजय कुमार का कहना है कि इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जीविका के झाझा प्रखंड समन्वयक सुजीत कुमार में पूछे जाने पर बताया कि आरोपी सीएम कम्युनिटी मोबिलाइजर अर्थात सामुदायिक उत्प्रेरक के पैरेंट ऑर्गनाइजेशन ने मामले का संज्ञान ले लिया है और उनपर कार्रवाई कर दी है। विधान सभा चुनाव का आगाज होते ही चाय की दुकानों पर चुनावी चर्चा जोरों पर अलीगंज, निज संवाददाता बिहार विधान सभा चुनाव का आगाज होते ही हर चौक-चौराहों के चाय की दुकानों पर विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी चर्चाएँ बहुत ज़ोरों पर हो रही हैं। ये चर्चाएँ भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक प्र्त्रिरया का एक अभिन्न अंग हैं, खासकर विधानसभा चुनावों के दौरान। इन चर्चाओं में क्षेत्र विकास से सम्बंधित आपसी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चाय के चुस्की के साथ शुरू हो रहा है। इस विधान सभा चुनाव में वर्तमान विधायक का लेखा जोखा का आकलन किया जा रहा है। मतदाता अपने विधायक के पिछले कार्यकाल का मूल्यांकन करते हैं। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, और रोज़गार जैसे स्थानीय मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहते हैं। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वर्तमान विधायक द्वारा क्षेत्र में किसने कितना काम किया गया। कई लोगो द्वारा राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मुद्दे जैसे महंगाई, विकास कार्य, और सरकार की योजनाएँ भी खूब चर्चा में रहती हैं। मतदाता अक्सर सरकार के प्रदर्शन को इन मापदंडों पर तौलते है सिंकन्दरा विधान सभा (सु0) क्षेत्र में 11 नवम्बर को चुनाव होने है अभी तक किसी भी दल द्वारा उमीदवार की घोषणा नही हुई उसके बाबजूद चुनावों में जातिगत समीकरण और उम्मीदवार की पहचान एक महत्वपूर्ण कारक रहती है। चाय की दुकान पर लोग अक्सर अपने क्षेत्र के जातिगत गणित और कौन किस पार्टी को कितना समर्थन दे सकता है, इस पर विश्लेषण करते हैं। वही युवा मतदाता रोज़गार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त करते हैं और बदलाव की बात कर रहे है तो कुछ लोग वर्तमान विधायक द्वारा किये गए कार्यो की सराहना कर रहे है,जो भी लोग उन्हें बुलाते हैं उनके दरवाजे पर अवश्य जाते है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के वादों, बयानों और चुनावी रणनीतियों पर तीखी बहस होती है। लोग अपनी पसंद के नेताओं का समर्थन करते हैं और विरोधियों की आलोचना करते हैं। विदित हो की चुनाव के दौरान चाय की दुकान एक अनौपचारिक मंच प्रदान करती है जहाँ हर वर्ग और हर विचारधारा के लोग खुलकर अपनी राय रखते हैं, भले ही वे बाद में किसी निष्कर्ष पर न पहुँचें। कभी-कभी ये चर्चाएँ गरमा-गरम बहस में भी बदल जाती है। अक्सर, चाय की दुकानों की चर्चाएँ ही उस क्षेत्र के जनता के मूड को दर्शाती हैं, जिससे यह पता चलता है कि मतदाता किस तरफ झुक रहा है और कौन से उम्मीदवार या पार्टी को समर्थन मिल सकता है। जेपी की जयंती पर परिचर्चा का आयोजन संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश थे युगदृष्टा जमुई, नगर प्रतिनिधि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण (जेपी) की 123 वीं जयंती पर नगर परिषद स्थित कल्याणपुर मोहल्ला में वरिष्ठ शिक्षक सह प्रधानाध्यापक दिनेश मंडल की अध्यक्षता में "वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जेपी के विचारों की प्रासंगिकता और उपादेयता" पर एक परिचर्चा आयोजित हुई। मुख्य अतिथि के बतौर केकेएम कॉलेज के सहायक प्राचार्य डॉ. गौरी शंकर पासवान ने कहा कि जय प्रकाश नारायण संपूर्ण क्रांति के प्रणेता थे। वे युगदृष्टा, क्रांति पुत्र, स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाही और 1974 के आंदोलन के अगुवा थे। सत्य ,अहिंसा और न्याय यही संपूर्ण क्रांति के तीन आधार थे। हम उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं। मरणोपरांत उन्हें भारत सरकार ने भारत रत्न का सम्मान देकर राष्ट्र की तरफ से बहुत बड़ी कृतज्ञता जताई थी। अध्यक्षीय प्रबोधन में शिक्षक दिनेश मंडल ने कहा कि जय प्रकाश नारायण स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी सपूत थे। स्वतंत्रता संग्राम में जयप्रकाश भी कारगर की काल कोठरी में बंद कर दिए गए थे। आजादी के मतवाले जयप्रकाश ऐसे दीवाने थे जिन्होंने आजादी का अंगार लिए आंखों में संहार लिए चलते हैं दीवाने, और सारी दुनिया लगती थीं उनकी हां में हां मिलाने। जब ऐसी मचलती जवानी हो और फौलादी इरादा, तो हिमालय भी नहीं बन पाता राह की बाधा। जो भी हो जेपी के विचारों की प्रासंगिकता वर्तमान में भी है और भविष्य मे भी रहेगा। मौके पर उपस्थित प्रो. संजीव कुमार सिंह, प्रो, आनंद कुमार सिंह, प्रो. एस. के. झा,डॉ. डीके गोयल,डॉ. सरदार राय,शिक्षक बसंत कुमार,रामचंद्र रवि आदि बुद्धिजीवी उपस्थित थे। जेपी को क्रांति पुत्र तो उनके जीवन को राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष का प्रतीक बताया। आगंतुक बुद्धिजीवियों ने जीपी कौशल ठाकुर भक्ति नमन किया और श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जब तक सूरज चांद रहेगा, जेपी तेरा नाम रहेगा। बिहार पेंशनर समाज के जिला इकाई की बैठक आयोजित, कई मुद्दों पर लिया निर्णय जमुई, नगर संवाददाता बिहार पेंशनर समाज के जिला शाखा की मासिक बैठक शनिवार को शहर स्थित 3के निजी सभागार में भुवनेश्वर प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बिहार पेंशनर समाज के सदस्यों द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार विमर्श करने के साथ-साथ कई निर्णय लिए गए। बैठक के प्रारंभ में सर्वसम्मति से पिछले महीने की कार्यवाही को संपुष्ट किया गया। साथ ही सभी सदस्यों ने अपने आसपास सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों से संपर्क कर सदस्य बनने को लेकर अपील किया गया। बैठक के दौरान बिहार पेंशनर समाज द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिला का सांगठनिक चुनाव 14 दिसंबर को सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही चुनाव को लेकर सभी कार्यकारिणी के सदस्यों से 500 एवं अन्य सदस्यों से 300 रुपए सहयोग राशि के रूप में लेने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान कपिल देव सिंह कार्यालय सहायक जिला आपूर्ति विभाग जमुई एवं राणा जनार्दन प्रसाद सिंह लिपिक उच्च विद्यालय ताजपुर अलीगंज के आकस्मिक निधन पर बिहार पेंशनर समाज के सदस्यों द्वारा दो मिनट का मौन धारण करते हुए उनकी आत्मा की शांति को लेकर ईश्वर से प्रार्थना की। बैठक के दौरान पेंशनर समाज के सदस्यों द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए नवंबर महीने की मासिक बैठक 19 नवंबर को सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया। 6 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण शिविर का समापन फोटो-03 : सिलाई प्रशिक्षण शिविर के समापन पर मौजूद महिलाए व एसएसबी जवान खैरा, निज संवाददाता सशस्त्र सीमा बल 16 वीं वाहिनी ई समवाय जन्म स्थान के द्वारा 6 दिवसीय नि:शुल्क सिलाई प्रशिक्षण शिविर का समापन शनिवार को किया गया । यह कार्यक्त्रम कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के दिशा निर्देश में किया गया । ई समवाय प्रभारी निरीक्षक वाल्मीकि मुनि प्रकाश के कुशल नेतृत्व में दीपाकरहर विद्यालय में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 6 दिवसीय निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शिविर का समापन किया गया । इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं को स्वावलंबी बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना हैं । शिविर में भाग लेने वाली महिलाओं को सिलाई की बुनियादी एवं व्यवसायिक जानकारी दी गई । जिससे कि वह भविष्य में आत्म निर्भर बन सके। शिविर समापन के अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए सशस्त्र सीमा बल के द्वारा 6 सिलाई मशीन का वितरण किया गया । महिलाओं को प्रशिक्षण उपरांत उनके कौशल के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराना था । ताकि वह अपना खुद का रोजगार शुरू कर सके ।इस मौके पर उप निरीक्षक रूप कुमार राय रमेश कुमार मोहम्मद शमीम कोमरी मुथ्यलप्पा प्रधानाध्यापिका अंजली शर्मा राजेश मोदी सहित कई लोग मौजूद थे । खबर का असर: झाझा स्टेशन पर लगेंगे कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड,होगी सुविधा फोटो: झाझा,निज संवाददाता झाझा के रेलयात्रियों को भी अपने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड की सुविधा अब जल्द ही सुलभ होगी। ध्यान रहे कि झाझा स्टेशन पर उक्त सुविधा के अभाव की वजह से रेलयात्रियों को होती खासी परेशानी से संबंधित समाचार हिन्दुस्तान अखबार लगातार प्रमुखता से प्रकाशित करता आया है। साथ ही मुसाफिरों की उक्त परेशानी को विगत में झाझा दौरे पर आए दानापुर के डीआरएम से लेकर पूमरे के जीएम तक के संज्ञान में लाते आया है। हिन्दुस्तान के उक्त बावत सवाल पर रेल के उक्त आलाधिकारियों ने इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई का भरोसा भी दिया था। अब रेलवे छोरों से सामने आई जानकारीनुसार रेल प्रशासन ने झाझा समेत चार स्टेशनों पर कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। बता दें कि उक्त सुविधा के अभाव में मुसाफिरों को ट्रेन आने पर अपनी कोच को ढूंढ़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता रहा है। कई बार यात्री की निर्धारित बोगी काफी आगे या काफी पीछे लगी होने से वह जब तक उक्त बोगी तक पहुंचे,उसके पूर्व ट्रेन खुल भी जाती देखी गई है। ट्रेन छूट न जाए,इस आशंका व संभावना के मद्देनजर कई बार यात्री अपनी बोगी कुछ दूरी पर देख तत्काल सामने वाली किसी भी बोगी में सवार हो जाते एवं फिर आगे अपने निर्धारित कोच में पहुंचने जैसी समस्याएं भी गाहे-बगाहे विभिन्न मुसाफिरों के जरिए सामने आती रही है। बताने की जरूरत नहीं कि उक्त परेशानी अप एवं डाउन दिनों दिशाओं की हर ट्रेन और ट्रेन के हर श्रेणी आरक्षित बोगियों से लेकर अनारक्षित मुसाफिरों तक को उठानी पड़ती रही है। जबकि कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड लग जाने से ट्रेन के स्टेशन पर आने के पूर्व ही मुसाफिरों को यह जानकारी हो जाएगी कि उसकी बोगी प्लेटफॉर्म पर किस स्थान पर लगेगी। और....ऐसे में मुसाफिर ट्रेन आगमन के पूर्व ही अपनी निर्धारित बोगी वाले मुकाम पर सहजता से पहुंच सकेगा। ध्यान रहे कि चार प्लेटफॉर्मों वाले झाझा स्टेशन पर फिलहाल सिर्फ अप के प्लेटफॉर्म सं.3 पर कोच इंडिकेटर डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं,किंतु कई मुसाफिरों की शिकायत थी कि वह भी सही ढंग से कार्य नहीं करते हैं। यात्रियों की उक्त शिकायत को इस संवाददाता द्वारा बीते दिनों झाझा दौरे पर आए तत्कालीन डीआरएम के भी संज्ञान में लाया गया था और उन्होंने वह जल्द ही दुरुस्त हो जाने का भरोसा दिया था।

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