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22 जनवरी, 2021|4:53|IST

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कराहती रही प्रसूता, नहीं पहुंची महिला चिकित्सक

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जमुई | निज संवाददाता

गुरूवार की रात लोग नव वर्ष के आगमन को लेकर खुशियां मनाने की जहां काफी तैयारी कर रही थी वहीं सदर अस्पताल में एक प्रसूता होने वाले नवजात के हिफाजत को लेकर तड़पती रही।मानवता को शर्मसार करने वाली घटना तब हुई, जब उसके परिजन, स्वास्थ्य कर्मी एवं अस्पताल के वरीय पदाधिकारी रोस्टर के अनुसार डयूटी पर रही महिला चिकित्सक को कई बार अस्पताल आने को कहा। लेकिन वह नहीं आई। अंतत: जच्चे बच्चे की सुरक्षा को लेकर परिजन उक्त गर्भवती महिला को निजी क्लिनिक में भर्ती कराया, वर्तमान में दोनों स्वस्थ है। जानकारी के अनुसार जिले के बरहट प्रखंड क्षेत्र के मलयपुर निवासी अभिषेक सिंह अपनी पत्नी शालिनी सिंह के सुरक्षित प्रसव को लेकर उक्त रात सदर अस्पताल में भर्ती कराया। आवश्यक जांच के बाद शरीर से अधिक मात्रा में पानी निकल जाने की बात कहकर स्वास्थ्य कर्मी सिजेरियन ऑपरेशन कराने की सलाह दिया। मरीज के परिजन डयूटी में रही महिला चिकित्सक की खोज करने लगे। स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि महिला चिकित्सक डा. श्वेता सिंह की डयूटी है लेकिन वह यहां नहीं है।

परिजन उक्त महिला चिकित्सक की उपस्थिति को लेकर बार-बार स्वास्थ्य कर्मी से अनुरोध करने लगे यहां तक कि अस्पताल के अस्पताल उपाधीक्षक को भी कहा गया। इसके अलावा परिजन के द्वारा उक्त महिला चिकित्सक को भी अस्पताल आने के लिए कई बार अनुरोध किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा बेहतर प्रसव एवं जच्चे बच्चे की सुरक्षा को लेकर परिजन को किसी दूसरे स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराने को कहा गया। अनहोनी की आशंका को लेकर बाध्य होकर उक्त महिला मरीज के परिजन उसे निजी क्लिनिक में जाकर भर्ती कराया। वर्तमान में नवजात एवं प्रसूता बिल्कुल स्वस्थ है।

महिला चिकित्सक की समय से उपस्थिति अस्पताल प्रबंधन के लिए बना चुनौती :सदर अस्पताल में बेहतर प्रसव की आस को लेकर आए जिले के कई गर्भवती महिला एवं उसके परिजन खासकर गरीब तबके के लोगों की काफी परेशानी हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन के लिए समय से सभी महिला चिकित्सक की उपस्थिति कराना चुनौती बना हुआ है।

हालांकि शिकायत के मद्देनजर कई बार वरीय पदाधिकारी का निरीक्षण भी होता है लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकलता। लोगों की माने तो इसी का नतीजा है कि हम जैसे गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाता लोगों ने यह भी कहा जब मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल का यह हाल है तो निचले स्तर के स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों की क्या दशा होती होगी यह वही जान सकता है। हालांकि उक्त महिला चिकित्सक के लिए को लेकर यह कोई नई घटना नहीं है। अक्सर वह अपने ड्यूटी से गायब ही रहती है। महिला के मरीज एवं उसके परिजन भगवान भरोसे अस्पताल में रहते हैं। इसका सबसे अधिक फायदा बिचौलियों को हो रहा है जो बेहतर प्रसव का झांसा देकर निजी क्लिनिक में मरीजों का आर्थिक शोषण कर रही है। सब कुछ जान कर अस्पताल प्रबंधन अनजान बना हुआ है।

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  • Web Title:The maternity moaned the lady doctor did not reach