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अनियमितता एवं लापरवाही बरतने पर कई शिक्षकों पर गिरी गाज

अनियमितता एवं लापरवाही बरतने पर कई शिक्षकों पर गिरी गाज

संक्षेप:

अनियमितता एवं लापरवाही बरतने पर कई शिक्षकों पर गिरी गाज अनियमितता एवं लापरवाही बरतने पर कई शिक्षकों पर गिरी गाज

Sat, 11 Oct 2025 04:09 AMNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
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चकाई । निज प्रतिनिधि पठन पाठन में रुचि नहीं लेने,अनियमितता एवं अन्य कारणों को लेकर प्रखंड के विभिन्न स्कूलों के कई शिक्षकों पर गज गिरी है। फर्जी तरीके से उपस्थिती बनाने को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी जमुई के पत्र के आलोक में मध्य विद्यालय बीचकोड़वा की शिक्षिका लक्ष्मी कुमारी एवं मालती कुमारी नवीन प्राथमिक विद्यालय चहबच्चा के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुबोध कुमार पासवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान लक्ष्मी कुमारी एवं मालती कुमारी का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय चकाई दिया गया है। उक्त जानकारी देते हुए प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह बीपीआरओ संजय कुमार ने बताया कि फर्जी तरीके से उपस्थित बनाना कदाचार माना गया है।

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ऐसे शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई होगी उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में नवीन प्राथमिक विद्यालय बदरोन के शिक्षक अभिषेक कुमार से भी स्पष्टीकरण पूछा गया है उनके द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए विद्यालय परिसर में वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में आम सभा की बैठक बुलाई गई जिसमें रसोईया का चयन करने की बात कही गई। जबकि इसको लेकर विभाग या किसी अन्य जगह से अनुमति नहीं ली गई थी, जबकि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना शिक्षा जमुई के निर्गत पत्र के आलोक में बासुदेव दास विशिष्ट शिक्षक, उत्क्त्रमित म०वि० रेणुआडीह को अनियमितता तथा पठन-पाठन में रूचि नहीं लेने के कारण निलम्बित करने के फलस्वरूप उतक्रमिम मध्य विद्यालय रेणुआडीह के वरीय विशिष्ट शिक्षक श्री राजेन्द्र कुमार दास को विद्यालय संचालन यथा मध्याहान भोजन योजना, जीओबीएसएसए एवं विद्यालय से संबधित सभी गतिविधियों के संचालन हेतु प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में प्राधिकृत किया गया है। बासुदेब दास को विद्यालय से सम्बन्धित वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सभी प्रकार के प्रभार पत्र प्राप्ति के साथ ही राजेन्द्र कुमार दास को देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है ।साथ ही प्रभार से सम्बंन्धित पत्र की एक प्रति अद्योहस्ताक्षरी कार्यालय में समर्पित करने के लिए निर्देशित किया गया है। जन-संवाद के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने की कवायद फ़ोटो-10 : कार्यक्त्रम के दौरान उपस्थित सेविका व अन्य सोनो, निज संवाददाता जन संवाद के माध्यम से मतदान के लिये मतदाताओं को जागरूक करने के क़वायद के तहतस्वीप कोषांग, जमुई द्वारा प्रखंड के ढोंढ़री पंचायत वार्ड संख्या 09 के मतदान केंद्र संख्या 64 पर शुक्त्रवार जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला पर्यवेक्षिका विनीता कुमारी और आंगनबाड़ी सेविका अर्चना सहाय द्वारा संयुक्त रूप से की गई। मौके पर महिला पर्यवेक्षिका ने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि यह देश व राज्य के उन्नति व प्रगति का दिशा व दशा तय करने का सबसे बड़ा अवसर है। हर व्यक्ति को मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में शत प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत की जा सकती है।सेविका ने भी लोगों को मतदान दिवस पर बूथ तक पहुंचने और अपने वोट का प्रयोग करने की अपील की।कार्यक्त्रम में सहायिका सोना कुमारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुमारी उषा, अनिता कुमारी समेत अन्य महिला सदस्य शामिल हुईं। स्कूल टाइम में शिक्षक द्वारा शिक्षिका को स्कूटी चलाना सीखाते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल फोटो-11 : स्कूल परिसर में स्कूटी चलाती महिला शिक्षिका व मौजूद अन्य शिक्षकगण चकाई, निज प्रतिनिधि प्रखंड के प्लस टू पैटरपहाड़ी विद्यालय में शिक्षक द्वारा एक शिक्षिका को स्कूटी चलाना सिखाते वीडियो वायरल हो रहा है । वीडियो स्कूल समय के दौरान का बताया जा रहा है । जिसमें शिक्षक द्वारा शिक्षिका को विद्यालय परिसर में स्कूटी चलाना सिखाते नजर आ रहा है। वीडियो सामने आते ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार वीडियो में शिक्षक शिक्षिका स्कूटी चलाना सिखा रहे है। जबकि उस दौरान विद्यालय परिसर में बच्चे खेलते नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने वाले ने कहा कि जब वह अपना फॉर्म जमा करने गया, तब शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से हटकर निजी गतिविधियों में व्यस्त थे। अभिभावकों का कहना है कि जब शिक्षक ही विद्यालय समय में ऐसी लापरवाही दिखाएंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे सुधरेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में शिक्षकों की गैर-जिम्मेदारी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।मामले पर सहायक शिक्षक नारायण दास ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो स्कूल समय का नहीं बल्कि छुट्टी के बाद का है, जब मूल्यांकन कार्य समाप्त हो चुका था। उधर वायरल वीडियो को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर ने जांच के बाद दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय शिक्षकों के बीएलओ कार्य में रहने से पठन पाठन हो रहा प्रभावित चुनाव व खेल गतिविधियों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की लगी ड्यूटी से विद्यालय में शिक्षा गतिविधि में पड़ रहा प्रभाव बीएलओ कार्य पूरा कर चुके शिक्षकों को विद्यालय लौटने का डीईओ का निर्देश गिद्धौर, निज संवाददाता जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बीएलओ कार्य पूरा कर चुके शिक्षकों को अपने मूल विद्यालय में लौटने का आदेश जारी किया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से पत्र जारी कर इसे लेकर निर्देशित किया है। बताते चलें कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के बीएलओ ड्यूटी में जाने से स्कूलों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले के विभिन्न प्रारंभिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रधानों द्वारा इस संबंध में लगातार सूचित किया जा रहा है कि शिक्षकों की कमी से विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में बीएलओ कार्य पूरा कर चुके शिक्षक व शिक्षा सेवक 24 घंटे के अंदर अपने मूल विद्यालय में योगदान सुनिश्चित करेंगे। वहीं वैसे शिक्षक जिनका बीएलओ कार्य शेष है वे भी विद्यालय में योगदान कर बच्चों के शैक्षणिक कार्य में योगदान देंगे साथ ही शाम चार बजे के बाद अपने शेष बचे बीएलओ कार्य को भी पूरा करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इसे लेकर निर्देश दिया है कि वे अपने अपने प्रखंड में सुनिश्चित करें कि जिन शिक्षकों का बीएलओ कार्य पूर्ण हो चुका है। वे जल्द से जल्द अपने विद्यालय में योगदान करें ताकि पठन पाठन से जुड़ी समस्या का निराकरण हो सके। बताया जाता है कि जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ कार्य लगी है। जिसके कारण विद्यालयों में पठन पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ बीएलओ का कार्य समाप्त हो चुका है। बावजूद शिक्षक बीएलओ ड्यूटी के नाम पर विद्यालय से दूरी बनाए हुए हैं। इधर चुनाव तिथि की घोषणा के बाद से मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है। कई शिक्षकों को चुनाव प्रशिक्षण के लिए विद्यालय में जाना पड़ रहा है। वहीं विद्यालय खेल प्रतियोगिता को लेकर भी कई शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति खेल कार्यालय में हुई है। बीएलओ बने शिक्षक पहले ही विद्यालय से नदारद हैं। जिसके वजह से स्कूलों के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। यह परेशानी खासकर उन स्कूलों में और भी ज्यादा है। जहां पहले ही शिक्षकों की संख्या कम है।