Hindi NewsBihar NewsJamui NewsStatewide Anti-Encroachment Campaign in Barhat Market Demolitions and Unemployment Concerns
प्रशासन की उपस्थिति में मलयपुर बाजार में कराई गई नापी, दुकानदारों ने हटाया अतिक्रमण

प्रशासन की उपस्थिति में मलयपुर बाजार में कराई गई नापी, दुकानदारों ने हटाया अतिक्रमण

संक्षेप:

प्रशासन की उपस्थिति में मलयपुर बाजार में कराई गई नापी, दुकानदारों ने हटाया अतिक्रमण प्रशासन की उपस्थिति में मलयपुर बाजार में कराई गई नापी, दुकानदारों

Dec 10, 2025 11:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
share Share
Follow Us on

बरहट। निज संवाददाता प्रखंड में राज्यव्यापी अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुधवार को सीओ मयंक अग्रवाल एवं मलयपुर थानाध्यक्ष की उपस्थिति में मलयपुर बाजार की नापी कराई गई। नापी को लेकर अंचल कार्यालय के अमीन एवं कर्मचारी शशिकांत ने नक्शा का मिलान करते हुए बाजार की नापी की। नक्शा का मिलान करते हुए अमीन ने मलयपुर बाजार के सड़क की चौड़ाई 26 फीट बताया। नापी पश्चात अमीन ने दुकान एवं सड़क पर चिन्ह अंकित कर दुकानदारों को अवगत कराया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में फुटपाथी दुकानदारों ने सुबह से ही सड़क पर लगे अपने-अपने दुकान के सामने लगे बांस बल्ला एवं दुकान को हटा लिया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

दुकान हटते ही बाजार की चौड़ाई बढ़ गई तथा बाजार खुला खुला सा लगने लगा। हालांकि फुटपाथी दुकान के हटने से सैकड़ों की संख्या में लोग बेरोजगार भी हो गए। लोगों के समक्ष परिवार के पेट भरने की चिंता सताने लगी। अतिक्रमण हटाने को चलाया गया था जागरुकता अभियान राज्यव्यापी अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने को लेकर सीओ ने जागरूकता अभियान चलाया था जिस कारण निर्धारित तिथि तक मलयपुर, बरहट, पांडो ,गुगुलडीह इत्यादि बाजारों में सड़क किनारे अतिक्रमित जमीन को दुकानदारों ने स्वत: हटा लिया था जिस कारण प्रशासन को बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं करना पड़ा। अभियान से पूर्व सीओ के नेतृत्व में ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगाकर प्रखंड क्षेत्र में प्रचार-प्रसार कर लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं अवैध अतिक्रमण हटाकर प्रशासन का सहयोग करें। बाजार के दुकानदारों एवं फुटपाथ पर रिक्शा, ठेला पर रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों को भी प्रशासन ने लिखित नोटिस जारी कर दुकान हटाने की अपील की थी। दुबारा दुकान लगाने पर होगा एफआईआर,लगेगा जुर्माना जानकारी देते हुए सीओ मयंक अग्रवाल ने कहा कि अतिक्रमण से मुक्त कराए गए जमीन पर यदि दुबारा दुकान, रेहड़ी, ठेला लगाया गया तो वैसे लोगों पर जुर्माना लगाते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से प्रशासन के इस कार्य में सहयोग देने तथा सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील किया। मलयपुर से पांडो बाजार तक सड़क किनारे अतिक्रमित जमीन होगा मुक्त अंचल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मलयपुर बाजार से पांडो बाजार तक सड़क किनारे अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराया जाएगा। उन्होंने वैसे लोग जो सरकारी जमीन को अपने कब्जे में रखें हैं उसे खाली कर देने की बात कही है। कहते हैं सीओ इस संबंध में सीओ मयंक अग्रवाल ने कहा कि पहला दिन मलयपुर एवं गुगुलडीह बाजार की नापी सुनिश्चित की गई थी। सरकारी अमीन द्वारा बाजार की नापी कर ली गई है अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमित जमीन को चिन्हित कर उसे मुक्त कराया जाएगा। मलयपुर की बेटी पर्वतारोही निशु सिंह ने पर्वत दिवस पर पर्वतों के संरक्षण का दिया संदेश देश के 45 पर्वत चोटियां पर चढ़ाई कर चुकी है निशु पर्वतों के महत्व व पर्वतारोहण की कठिनाईयों पर डाला प्रकाश माउंट एवरेस्ट पर फहरा चुकी है तिरंगा फोटो-3,4- विश्व की उंची चोटियां माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराती निशु बरहट। निज संवाददाता अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस के अवसर पर प्रखंड़ के मलयपुर गांव के टेंगहरा से निकलकर विश्व की उंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी पर्वतारोही निशु सिंह ने पर्वत दिवस के अवसर पर पर्वतों के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने पर्वतों के महत्व और पर्वतारोहण की कठिनाइयों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पर्वत केवल रोमांच का स्रोत नहीं बल्कि मानव जीवन, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की आधारशिला है। उनकी यात्रा एक छोटे से गांव मलयपुर टेंगहरा से शुरू हुई और आज माउंट एवरेस्ट, माउंट किलिमंजारो से लेकर कांगयात्से जैसी श्रृंखलाओं को पार कर चुकी है। वे बताती हैं कि पर्वतारोहण कोई सामान्य खेल नहीं बल्कि लगातार बदलते मौसम, गिरती बर्फ, एवलांच, अदृश्य कोर्निश और उंचाई पर ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिनाइयों से जूझने का नाम है। फिर भी इन चुनौतियों के बीच जब शिखर पर पहुंच भारत का तिरंगा फहराती है तो सारी थकान और भय छोटी बात लगने लगती है। हाल ही में उन्होंने लेह-लद्दाख की दो प्रमुख चोटियों कांग यात्से-1 (21,063 फीट) और कांग यात्से-2 (21,590 फीट)पर लगातार चढ़ाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पूर्व वे 2024 में माउंट एवरेस्ट के 26,200 फीट तथा 2021 में अफ्रीका की सबसे उंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर भी भारत का तिरंगा फहरा चुकी है। अब तक वे देशभर की 45 पर्वत चोटियों पर चढ़ाई कर चुकी हैं, जो एक युवा महिला पर्वतारोही के लिए बड़ी उपलब्धि है। निशु मानती हैं कि पर्वत मानव जीवन के लिए उतना ही आवश्यक है जितना जल और वायु। पर्वत जलवायु संतुलन, ग्लेशियरों के संरक्षण, नदियों के उद्गम और जैव विविधता की सुरक्षा में अनोखी भूमिका निभाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस प्रत्येक वर्ष 11 दिसंबर को मनाया जाता है। हमें वैश्विक स्तर पर यह समझाने का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों की रक्षा, विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन में सुधार कितना महत्वपूर्ण है। पर्वतारोहण के क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद अब निशु नई पीढ़ी को प्रशिक्षित कर रही है। वे बच्चों को पर्वतों की तकनीकी समझ, पर्यावरण संरक्षण और साहस की शिक्षा देती है, ताकि उनका जिला और देश भविष्य में भी बेहतर पर्वतारोही और प्रकृति-रक्षक तैयार कर सके। वे उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख से लेकर सिक्किम तक कई अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुकी है और अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियानों का भी हिस्सा रही है। ग्रामीण निशु की इस सफलता पर अभिभूत हैं।