Hindi NewsBihar NewsJamui NewsPolitical History of Jhajha Assembly A Legacy of Social Justice and Diverse Party Representation
झाझा: सामाजिक न्याय’ के तहत बीते 75 सालों में सभी दलों को दिया नुमाइंदगी का मौका

झाझा: सामाजिक न्याय’ के तहत बीते 75 सालों में सभी दलों को दिया नुमाइंदगी का मौका

संक्षेप:

सत्ता संग्राम, 242 झाझा विधान सभा: झाझा: सामाजिक न्याय’ के तहत बीते 75 सालों में सभी दलों को दिया नुमाइंदगी का मौका

Fri, 7 Nov 2025 12:10 AMNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
share Share
Follow Us on

झाझा, समाजवादी सोच व समरसतावादी विचारधारा का पोषक रहे झाझा विधान सभा के हस्तिनापुर ने अपने विधान सभायी वजूद के बीते करीब 75 साल के सियासी सफर में ‘सामाजिक न्याय’ की नीति के तहत चुनावी समर में कूदने वाली लगभग हर पार्टी व दल को मौका दिया है। यहां से कांग्रेस के अलावा सोशलिस्ट व संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी,जनता व समता पार्टी,जनता दल,जदयू एवं भाजपा सभी के झंडाबरदार जीत कर बिहार विधान सभा की दहलीज तक पहुंचे हैं। अपवाद के बतौर वामपंथी दल तथा बसपा के अलावा मुख्यधारा वाले दल में शायद सिर्फ राजद इस विस सीट पर जीत के स्वाद से वंचित है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

साल 1957 में तो इस सीट ने कुछ माह के लिए एसटी समुदाय के भागवत मुर्मू को भी अपनी नुमाइंदगी का मौका दिया था। पूर्व सीएम ने भी की है तीन बार झाझा की नुमाइंदगी,पूर्व मंत्री शिवनंदन झा ने चार बार,तो दामोदर ने सर्वाधिक पांच बार की है: झाझा विधानसभा के साथ कई रोचक व गौरवशाली इतिहास भी जुड़ा है। गर्व व गौरव की बात यह भी सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्व.चंद्रशेखर सिंह उर्फ लल्लू बाबू ने भी एक,दो नहीं अपितु तीन-तीन बार झाझा विस का प्रतिनिधित्व किया है। उनके अलावा चार बार पूर्व मंत्री शिवनंदन झा,दो बार शिवनंदन यादव व तीन बार उनके पुत्र उनके पुत्र रविंद्र यादव तथा एक बार पूर्व मंत्री श्रीकृष्णा सिंह को भी अपनी नुमाइंदगी का मौका दिया है। वैसे,अब तक के अपने इतिहास में झाझा विस के मतदाताओं ने सर्वाधिक पांच बार दामोदर रावत को बिहार विधान सभा के सदन तक पहुंचाया है। 2015 के चुनाव को छोड़,साल 2000 में समता पार्टी की टिकट पर तथा फिर 2005 से 2020 तक के अन्य चुनावों में वे जदयू या एनडीए की छतरी तले विस पहुंचे थे। बता दें कि 1967 से 72 के बीच तीन बार तथा दो बार एवं साल 2005 में यहां दो बार चुनाव हुए थे। जबकि,एक पूर्व कांग्रेस विधायक स्व.शिवनंदन यादव के असामयिक निधन के कारण साल 1986 में यहां उप चुनाव हुआ था जिसमें उनके पुत्र विजयी हुए थे। झाझा विस सीट 1951 से 2015 तक के सिकंदरः साल विजयी प्रत्याशी पार्टी 1951 चंद्रशेखर सिंह कांग्रेस 1957 भागवत मुर्मू तथैव 1957 चंद्रशेखर सिंह कांग्रेस 1962 श्रीकृष्ण सिंह सोशलिस्ट पार्टी 1967 शिवनंदन झा संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी 1969 चंद्रशेखर सिंह कांग्रेस 1972 शिवनंदन झा सोशलिस्ट पार्टी 1977 तथैव जनता पार्टी 1980 शिवनंदन यादव कांग्रेस 1985 तथैव तथैव 1986 डॉ.रविंद्र यादव तथैव 1990 शिवनंदन झा जनता दल 1995 डॉ.रविंद्र यादव कांग्रेस 2000 दामोदर रावत समता पार्टी 2005 फरवरी दामोदर रावत जदयू 2005 अक्टूबर तथैव तथैव 2010 दामोदर रावत जदयू 2015 डॉ.रविंद्र यादव भाजपा