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नीलम ने चार वर्षों में 400 महिलाओं को बनाया स्वावलंबी

नीलम ने चार वर्षों में 400 महिलाओं को बनाया स्वावलंबी

दिल में हो हौसला, और जूनून हो पक्का तो मुश्किल से मुश्किल काम पर भी पाया जा सकता है विजय। उक्त बातों सिमुलतला की नीलम देवी ने साबित कर दिखाया। नीलम देवी दो से चार वर्षों में लगभग 400 महिलाओं को सिलाई कटाई का प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया।

नीलम देवी कहती है कि जब वह देवघर से शादी कर सिमुलतला जैसे कस्वाई इलाके में आई थी तो अपने नसीब तथा अपने बीए की डिग्री करने तथा सिलाई, कढ़ाई,बुनाई आदि का लिया गया प्रशिक्षण बेकार लगने लगा। कुछ दिन तो लगा अब यह सब हुनर बेकार हो जाएगा। लेकिन धीरे-धीरे जब सिमुलतला के कई महिलाओं से मिली तो पता चला कि कई महिलाएं सिलाई-कटाई आदि सीखना तो चाहती है लेकिन सुविधा का अभाव रहने के कारण या तो अपनी इच्छा त्याग देती है अथवा सीखने के लिए देवघर अथवा झाझा का रूख करती है।

दोनों जगह जाने के लिए समय तो खर्च होता ही था पैसे भी काफी खर्च हो जाते थे तो कई के अभिभावक लड़कियों केा बाहर जाने की अनुमति नहीं देती थी। अचानक मेरे मन के यह ललक उठा कि क्यों न वही महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सिमुलतला में ही ट्रेनिंग केंद्र खोला जाए। घर वालों ने तो पहले मना किया कि यहां कोई सीखने नहीं आएगा लेकिन मेरे बार-बार कहने के बाद मेरे पति जो एक एनजीओ में साधारण वेतन पर काम करते थे साथ दिया और प्रशिक्षण केंद्र खोलने में मदद मायके से मिले एक सिलाई मशीन के सहारे मधु सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र का वोर्ड अपने घर के दरवाजे पर लगाया। देखते ही देखते महिलाओं मेंं एक उत्साह सी जागी और लोग जानकारी के लिये आने लगे। मैंने बतौर सेवा शुल्क 100 रूपये प्रति माह रखा तथा कोर्स पूरा कराने का समय छ: माह का रखा। मुझे पैसे लेने का विचार नही था लेकिन लोग अपनी जबावदेही तय करे इसके लिए सामान्य फीस रीख।

धीरे-धीरे सिमुलतला की कई महिलाएं व बेटियां उनकी प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ी और सिलाई कटाई का हुनर सीखकर अपने ससुराल में भी अलख जगा रही है। इतना ही नही आस पास के गांव लाहावन,असहना, लिलावरण, पन्ना, डोडरी, कनोदी, वनगामा आदि दर्जनों गांव के बेटियां तथा बहुएं सिलाई कटाई सीख कर स्वाबलंबी बन गई। आज गांवों मेें कई महिलाओं ने बुटिक खोली तो कई ने सिलाई की दुकान खोल ली है जो महिलाओं के परिधान सिल रही है। जो भी हो नीलम दैवी सिमुलतला के महिलाओं के बीच एक मिशाल कायम की है।

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  • Web Title:Neelam made 400 women self-supporting in four years