Lulu mountain to moan to protect its existence - अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए कराह रहा लटू पहाड़ DA Image

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अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए कराह रहा लटू पहाड़


अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए कराह रहा लटू पहाड़

सिमुलतला की पहचान तथा जमुई एवं बांका जिला के बोर्डर के रूप में सजग प्रहरी के रूप में अवस्थित लटू पहाड़ अपने अस्तित्व के रक्षा के लिए कराहते नजर आ रहा है।

सिमुलतला आये सैलानी बगैर लटू पहाड़ का दीदार किये सिमुलतला के यात्रा को अधूरा मानता है। वही सौंदर्य प्रेमी लोग लटू पहाड़ के चोटी से सूर्य उदय तथा सूर्यास्त का दृश्य अपने कैमरे में कैद करने के लये ललायित रहते हैं। सिमुलतला वासी से यदि कोई सैलानी या अतिथि सिमुलतला के आउट सीन के सम्बंध में पूछता है तो सबसे पहला नाम लोगों के जुबान पर लटू पहाड़ का ही आता है। लेकिन उसी लटू पहाड़ के अस्तित्व को समाप्त करने पर लगे हंै अवैध उत्खनन करने वाले माफिया। लटू पहाड़ में पत्थर के अलावे मोरंग बहुतायत मात्रा में है। क्षेत्र में बनने वाले हर छोटे बड़े सड़क हो या कोई दूसरा काम लटू पहाड़ से ही मोरंग का दोहन कर किया जाता है। सिमुलतला यानी जमुई जिला का प्रशासन हो या वन विभाग एक शब्द में अपने जबाबदेही से पल्ला झाड़ लेते की वो बांका जिला में पड़ता है। वही बांका जिला वाले बोलते हैं कि 70 कलोमीटर की दूरी पर हूं। इसका फायदा माफिया उठाते हंै और सिमुलतला का पहचान कहलाने वाला लटू पहाड़ अपना अस्तित्व बचने के लिए तारणहार की राह ताकते नज़र आता है। हालांकि लटू पहाड़ है तो बांका जिला में लेकिन चार कदम के बाद जमुई ही है तथा पहचान भी जमुई जिला के सिमुलतला का ही है। इतना ही नहीं पहाड़ से मोरंग निकलने के बाद जमुई जिले में ही प्रवेश के बाद ही कहा जा सकता है। इस लिहाज से भी जमुई प्रशासन को ही ध्यान देने की जरूरत है जो भी हो यदि इसी प्रकार पहाड़ से मोरंग उठता रहा तो वो दिन दूर नहीं की पहाड़ समतल मैदान में परिणत हो जाय और सिमुलतला का पहचान समाप्त हो जाय।

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  • Web Title:Lulu mountain to moan to protect its existence