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आयुष चिकित्सक लिखतें हैं अंग्रेजी दवा

आयुष चिकित्सक लिखतें हैं अंग्रेजी दवा

संक्षेप:

सोनो के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हड्डी रोग चिकित्सकों की कमी के कारण हड्डी टूटने से संबंधित उपचार संभव नहीं है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर किया जा रहा है। एक्सरे की सुविधा तो है, लेकिन चिकित्सकों की अनुपलब्धता के कारण प्लास्टर आदि की सुविधा नहीं मिल रही है।

Dec 05, 2025 10:31 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
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सोनो। निज संवाददाता समय : 11:06 बजे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हड्डी रोग से सम्बंधित चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं रहने के कारण दुर्घटना समेत अन्य कारणों से हड्डी टूट से सम्बंधित रोगों का उपचार संभव नहीं है। चिकित्सा प्रभारी डॉ शशिभूषण चौधरी का कहना है कि स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हड्डी रोग चिकित्सक का पद सृजित नहीं है, हड्डी टूट फुट से सम्बंधित जो भी मामले आतें है उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रैफर कर दिया जाता है। हालांकि यहाँ पर एक्सरे की व्यवस्था मौजूद है लेकिन चिकित्सकों के अभाव में प्लास्टर आदि की सुविधा रोगियों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

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वाह्य कक्ष में रोगियों के उपचार कर रहे आयुष के चिकित्सा द्वारा रोगियों को धडल्ले से पुर्जा लिख कर अंग्रेजी दवा लेने की सुझाव दिया जा रहा था। वाह्य कक्ष में रोगियों का उपचार कर रहे आयुष चिकित्सक न तो मरीजों की नाड़ी देख रहे थे और न ही उनके गले मे आला ही लटका था,बुखार से पीड़ित चुरहैत गांव के युवक लालजीत कुमार द्वारा बताया गया कि कई दिनों से बुखार व खाँसी से पीड़ित हैं उसके बाबजूद भी चिकित्सक द्वारा न तो थर्मामीटर से बुखार मापा गया और न ही आला लगाकर कर उसके फेफड़े की स्थिति का जानकारी ली गई जो बताया उसी के आधार पर दवा लिख दी गई कुल मिलाकर वाह्य कक्ष में उपचार कर रहे चिकित्साक उपचार के नाम पर केवल खानापूर्ति करते दिखे। सोनल गांव के पीताम्बर सिंह घुटने में दर्द की शिकायत को लेकर अपना उपचार करने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे उन्होंने बताया कि चिकित्सकों द्वारा जो दवा दी गई है उससे कुछ लाभ तो मिल रहा है लेकिन हड्डी रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों के नहीं रहने के कारण नश व जोड़ों की दर्द की समुचित उपचार नहीं हो पा रहा है वही बात केवाली की मीना देवी व ढ़ोकली गांव के शालीग्राम मंडल का भी कहना है।