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25 सितम्बर, 2020|12:10|IST

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जमुई:नपं के सफाईकर्मियों ने ईओ को सौंपा प­त्र

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जमुई: झाझा नगर पंचायत अंतर्गत कार्यरत स्थाई सफाईकर्मियों ने नपं के ईओ को प­त्र सौंप कर अपनी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया है। कोरोना योद्धाओं ने अपने पत्र में चर्चा की है कि वर्ष 2010 से वे सभी पंचम वेतनमान के भुगतान को प्राप्त कर रहे हैं। जबकि सरकार ने वर्ष 1995 में ही पंचम वेतनमान देने तथा षष्टम वेतन वर्ष 2006 से भुगतान करने की स्वीकृति दी हुई है। इसके अलावे सप्तम वेतनमान देने की स्वीकृति भी सरकार ने दे दी है। बावजूद हमलोग आदिमयुगी वेतन पा कर किसी प्रकार से जिंदा हैं। कम वेतन मिलने से हमलोगों के समक्ष अपने बच्चों की उचित परवरिश, शिक्षा दीक्षा, परिवार का लालन पालन, बीमारी के इलाज का खर्च आदि व्यय का सामना करने में काफी कठिनाई हो रही है। हमलोग उस भुगतान के लिए वर्षों से अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा रहे हैं परंतु हम गरीबों महादलितों की कौन सुनने वाला है। सरकार एवं उनके प्रतिनिधि महादलितों के नाम पर हमलोगों को सिर्फ ठगने का काम कर रहे हैं। कोरोना संकट काल में हमलोगों ने अपने कर्तव्य का बखूबी निर्वहन किया है और अपने कर्तव्यों से आज भी पीछे नहीं हैं। अंतर वेतन तथा षष्टम व सप्तम वेतनमान दिए जाने की मांग रखी है। कर्मियों दिलिप हरि, संकर डोम, राजेश डोम, रेशम देवी, पार्वती देवी, लक्ष्मी देवी, सुदर हरि,सावित्री देवी आदि ने उस पत्र में अपने हस्ताक्षर किए हैं। इनका कहना है कि मांग नहीं माने जाने पर जमुई डीएम को ज्ञापन सौंपने जाएंगे तथा विभाग के प्रधान सचिव को भी पत्र भेजेंगे। इस सम्बंध में नपं के कार्यपालक पदाधिकारी रामाशीष शरण तिवारी ने कहा कि प्रधानसचिव के द्वारा जारी पत्र के आलोक में उनकी वेतन बढ़ोत्तरी किया जाना संभव प्रतीत नहीं होता है। विभागीय आदेश आने के बाद ही कुछ हो पाएगा। न.सं.

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  • Web Title:Jamui NAP 39 s scavengers handed over letter to EO