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1 मार्च, 2021|9:44|IST

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जमुई: कोहरे के कारण सरसों - गेहूं को होगा नुकसान , किसान परेशान

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बरहट। निज संवाददाता

इस सप्ताह जिले के मौसम में सुधार की गुंजाइश नहीं है । आकाश में घने कोहरे के साथ बादल छाए रहेंगे। 5 से 8 किलोमीटर की गति से चलने वाली पछुआ हवा मौसम को और सर्द बनाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र खादीग्राम जमुई में दर्ज आंकड़ों के अनुसार अगले सप्ताह तक मौसम का यही पूर्वानुमान है जिस कारण ठंढ बढ़ेगी। दर्ज आंकड़ों के अनुसार रात का पारा 10 डिग्री पर उतर आया है, दिन का तापमान 22 डिग्री और आद्रता 30% से लेकर 65% होने का अनुमान है जिस कारण ठंड हो बढ़ने की संभावना है ।

लगातार गिरता पारा खेती-किसानी के लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि रात-रात भर घना कोहरा छा रहा है। जिसके कारण सरसों, गेहूं, चना, मटर की फसलों को खतरा संभावित बताया जा रहा है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों पर ध्यान दें और फसलों की देखभाल रोजाना करें। समय रहते अगर किसान एहतियात बरतेंगे तो उनके खेतों में पाला नहीं पड़ेगा।

मौसम वैज्ञानिक अभिजीत शर्मा बताते हैं कि सर्दी के दिनों में जब दिन का तापमान भी कम रहे और रात का तापमान एकदम से उतरने लगे, साथ ही कोहरा भी छाया रहे तो इस तरह के भीषण ठंड का असर नाजुक पौधों पर जल्द होता है।

सरसों, गैंहू व सब्जी के फसलों को हो सकता है नुकसान -

मौसम के कारण सरसों , गेहूं व सब्जी की फसलों में

पाला के हालात बन रहे हैं। कोहरा के कारण फसलों को नुकसान की संभावना है। ऐसे में सरसों व गेहूं समेत चना-मटर को बचाने की जरूरत है। इसलिए किसान इस ओर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि

सरसों के पौधे ने फूल देेेना शुरु कर दिए हैं। इस पर पाला पड़ने से पौधे मृत हो जाएंगे। गेहूं की फसल एक-एक फीट तक की हो गई है। पौधे अभी कोमल हैं जो रात की तेज ठंड सहन नहीं कर पाएंगे। चना की फसल अभी बढ़ रही है। जिस पर पाला पड़ने से घेंटी में दाना नहीं बनेगा। उन्होंने कहा किसान सरसों व गैंंहू के खेतों में पानी की सिंचाई कर दें जिससे पाला पड़ने के आसार मिट जाएंगे। मौसम को देखते हुए उन्होंने किसानों से अपने खेतों में दवा का छिड़काव करने की भी सलाह दिया।

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  • Web Title:Jamui Mustard due to fog - wheat will be damaged farmers upset